
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन को एक डिजिटल मंच पर लाने और ओला-उबर जैसे निजी एग्रीगेटरों को चुनौती देने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम बढ़ाया है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (Maharashtra State Road Transport Corporation) (MSRTC) ने ‘छावा राइड’ प्लेटफॉर्म के विकास और संचालन के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इस ऐप के जरिए एसटी बस, टैक्सी, ऑटो रिक्शा और ई-बस जैसी सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी।
टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म का लाइव प्रदर्शन भी करना होगा, जिसमें तकनीक, स्केलेबिलिटी, जोखिम प्रबंधन और प्रोटोटाइप का मूल्यांकन किया जाएगा। तकनीकी रूप से सफल बोलीदाताओं की वित्तीय बोलियों पर ही विचार होगा। ऑनलाइन बोलियां पांच अगस्त तक जमा की जा सकेंगी। तकनीकी बोलियां सात अगस्त को खोली जाएंगी। टेंडर के लिए 50 लाख रुपए की बयाना राशि और पांच लाख रुपए का निविदा शुल्क निर्धारित किया गया है।
एमएसआरटीसी प्रतिदिन करीब 14 हजार बसों का संचालन करता है और लगभग 60 लाख यात्रियों को सेवा देता है। नए प्लेटफॉर्म पर प्रति सवारी न्यूनतम पांच रुपए का प्लेटफॉर्म शुल्क निर्धारित किया गया है। चयनित कंपनी मोबाइल ऐप विकसित करने, प्लेटफॉर्म लॉन्च करने, संचालन, रखरखाव और तकनीकी सहायता की जिम्मेदारी संभालेगी। ठेके की अवधि एक वर्ष के विकास कार्य और पांच वर्ष के संचालन की होगी। इसे आवश्यकता पड़ने पर दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। ‘छावा राइड’ (Chhava Ride) को राज्य स्तरीय मल्टी-मॉडल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म (state-level multi-modal mobility platform) के रूप में विकसित किया जाएगा।
