
लखनऊ : (Lucknow) बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे बसपा के वरिष्ठ नेता उमाशंकर सिंह (senior party leader Umashankar Singh) के निधन पर पार्टी प्रमुख मायावती भावुक हो गईं। गोमतीनगर स्थित आवास (Gomti Nagar residence) पर अंतिम दर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह ने पूरी निष्ठा से पार्टी की सेवा की और कभी बसपा का साथ नहीं छोड़ा।
मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह उन्हें सगी बहन की तरह मानते थे और हर रक्षाबंधन पर उनसे राखी बंधवाते थे। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद उन्होंने कभी दल नहीं बदला और हमेशा पार्टी के प्रति ईमानदार रहे।
बेटे युकेश सिंह को राजनीतिक विरासत
बसपा प्रमुख ने परिवार को भरोसा दिलाया कि यदि उनकी इच्छा होगी तो उमाशंकर सिंह के इकलौते बेटे प्रिंस युकेश सिंह (Prince Yukesh Singh) को राजनीति में आगे बढ़ाने में पार्टी पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह के निधन से बसपा को अपूरणीय क्षति हुई है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया याद
श्रद्धांजलि देने पहुंचे बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) ने उन्हें अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि वह सभी का सम्मान करने वाले नेता थे। वहीं विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) ने कहा कि उमाशंकर सिंह सदन में प्रभावी और तार्किक ढंग से अपनी बात रखने वाले जनप्रतिनिधि थे, जिनकी बात को गंभीरता से सुना जाता था।
