
लखनऊ : (Lucknow) उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार के विधायक व बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) (BSP) के वरिष्ठ नेता उमाशंकर सिंह (Umashankar Singh) का बुधवार शाम दिल्ली में निधन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवास पर रखा गया। पार्टी की प्रमुख मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। इस दौरान मायावती बहुत भावुक दिखी। मायावती के अलावा विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (including Assembly Speaker Satish Mahana) समेत तमाम राजनेताओं ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
इस दौरान मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह जब से बसपा से जुड़े, उन्होंने पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने कभी पार्टी को धोखा नहीं दिया। बसपा में रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता का ध्यान रखा है। उनका लंबी बीमारी की कारण निधन हुआ है, यह समाचार सुनकर काफी आहत हूं। इस दुख की घड़ी में मैं उनके पूरे परिवार और रिश्तेदार के साथ हूं। खासतौर से वो तो जिंदा नहीं है, लेकिन मेरा उमाशंकर सिंह के परिवार से यही कहना है कि आप जब तक जिंदा रहे है बसपा के लिए ईमानदारी का परिचय दिया है।
मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह बिजनैसमैन थे। अक्सर आप लोगों ने देखा कि बिजनैसमैन लोग जब सत्ता परिवर्तन होता है तो पार्टियां बदल लेते हैं। लेकिन उन्होंने पार्टी को धोखा नहीं दिया। वो मुझे अपनी सगी बहन की तरह मानते थे। इस महीने में रक्षाबंधन भी है। रक्षाबंधन के त्योहार पर चाहे मैं लखनऊ रही हो या दिल्ली में रहूं, लेकिन उन्होंने मुझसे हमेशा राखी बंधवाई है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि भाई तो कई बने लेकिन सब धोखा देकर चले गये, पर इन्होंने (Umashankar Singh) कभी धोखा नहीं दिया। मैं कहना चाहती हूं उनका परिवार मेरा पूरा सम्मान करते हैं। इस दुख की घड़ी में मैं पूरे परिवार के साथ हूं। उनका एक बेटा है, मैं यह आश्वासन देना चाहती हूं यदि परिवार चाहे तो उनके बेटे को राजनीति में बढ़वा देना चाहूंगी। हालांकि यह मौका ऐसा कहना का नहीं है, लेकिन वो राजनीति में काफी सक्रिय रहे हैं। परिवार चाहेगा तो मैं उनके स्थान पर उनके बेटे को महत्व दूंगी।
मायावती ने कहा कि उमाशंकर ने अपने क्षेत्र की जनता का बहुत ध्यान दिया है, अगर जनता चाहेगी तो बेटे को सम्मान मिलेगा। बसपा प्रमुख ने कहा कि उमाशंकर के जाने से हमारी पार्टी को बहुत क्षति हुई है। बसपा नेता सतीश मिश्रा ने कहा कि उमाशंकर हमारे छोटे भाई की तरह थे। वो मुझे काफी सम्मान देते थे।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Assembly Speaker Satish Mahana) ने कहा कि उमाशंकर के न रहने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुत अंतर आया है। उनका सबके साथ सौहार्दपूर्ण, मित्रवत और स्नेहमय संबंध था। पूरे विधानसभा में वे जिस तर्क के साथ प्रभावी ढंग से अपनी बात कहते थे, उनकी कही हुई बात की चर्चा होती थी। उनके द्वारा विधानसभा में जब कोई बात कही जाती थी तो उसके बारे में पूरे विधानसभा में संज्ञान लिया जाता था। जनता के बीच में उनका जमीनी जुड़ाव था। उनके जाने से मैं स्वयं बहुत दूखी हूं। भगवान से प्रार्थना है कि वे उन्हें अपने श्री चरणों स्थान दें।
