
नई दिल्ली : (New Delhi) राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज जादुमणि सिंह (Indian boxer Jadumani Singh) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के दौरान कारगिल विजय दिवस पर पाकिस्तान के मुक्केबाज के खिलाफ मिली अपनी जीत को याद किया।
जादुमणि ने बताया कि भारतीय सेना से जुड़े होने के कारण यह मुकाबला उनके लिए बेहद खास था और उन्होंने अपनी जीत कारगिल के वीर जवानों को समर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर राष्ट्रमंडल खेल 2026 के भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों ने खेलों से जुड़े अपने यादगार अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। प्रधानमंत्री ने जादुमणि से कारगिल विजय दिवस के दिन मिली उनकी जीत के बारे में पूछा।
जादुमणि ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों में उनका पाकिस्तान के सुमामा रहमान से मुकाबला कारगिल विजय दिवस के दिन हुआ था। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना से जुड़े होने के कारण वह पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थे।
जादुमणि ने 16वें दौर के मुकाबले में सुमामा रहमान को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया और अपनी जीत भारतीय सेना के वीर जवानों को समर्पित की।
प्रधानमंत्री ने जादुमणि की इस भावना की सराहना करते हुए कहा कि कारगिल के वीरों को अपनी जीत समर्पित करने से उनकी उपलब्धि का महत्व और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि जादुमणि ने जिस प्रतिद्वंद्वी को हराना था, उसी को हराकर देश के लिए गौरव का क्षण बनाया।
मीराबाई चानू के भावुक पल की भी सराहना
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) ने भारोत्तोलक मीराबाई चानू के भावुक पदक जीतने के क्षण की भी सराहना की। चानू ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में अपना तीसरा स्वर्ण हासिल किया।
मीराबाई ने इससे पहले 2018 में 48 किग्रा और 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 49 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उनके नाम ओलंपिक रजत पदक के अलावा विश्व चैंपियनशिप के तीन पदक भी हैं, जिसमें 2017 का स्वर्ण शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मीराबाई से कहा कि उन्होंने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने मीराबाई के भावुक होने का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे हर आंसू की बूंद के साथ स्वर्ण पदक छलक रहा हो।
मीराबाई ने बताया कि ओलंपिक में महज एक किलोग्राम से पदक चूकने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतना उनके लिए बेहद भावुक क्षण था। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में उन्हें लगातार चोटों और पारिवारिक समस्याओं जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
मीराबाई ने कहा कि पदक जीतने के बाद पोडियम पर खड़े होकर तिरंगे को ऊपर उठते देखना और राष्ट्रगान सुनना हर खिलाड़ी के लिए बेहद भावुक क्षण होता है। भारत ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में कुल 39 पदक जीते, जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
11 दिनों तक चले खेलों के समापन के बाद स्कॉटलैंड ने राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज और औपचारिक बैटन भारत को सौंपा। भारत 2030 में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी संस्करण की मेजबानी करेगा।
