
लगभग 1,943 करोड़ रुपये के समझौते पर नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी (Two MQ-9B armed drones) सशस्त्र ड्रोन अमेरिका से 30 महीने के लिए लीज पर लिए जाएंगे। अमेरिका से 31 एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन खरीदने का सौदा फाइनल न होने पर यह रास्ता निकाला गया है। लगभग 1,943 करोड़ रुपये के इस समझौते पर सोमवार को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए। भारत को यह ड्रोन मिलने के बाद समुद्री मार्गों में मानव रहित निगरानी और टोही गश्ती को सक्षम करके वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने के लिए भारत की क्षमता बढ़ेगी। खास तौर पर चीन सीमा पर भारत की निगरानी आसान होगी।
रक्षा विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल (एक्विजिशन) ए. अनबरसु (A. Anbarasu) की मौजूदगी में आज दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम लीज पर लेने के लिए जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल सिस्टम्स, इंक के साथ समझौते पर हस्ताक्षर हुए। एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन एडवांस्ड सिस्टम, स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सेंसर और सोफिस्टिकेटेड पेलोड से लैस हैं, जो भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाएंगे। ये सिस्टम समुद्री डोमेन के बड़े क्षेत्र में लगातार खुफिया, निगरानी और टोही कवरेज देंगे, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र पर नजर रखने और जवाब देने की भारत की क्षमता मजबूत होगी।
दरअसल, भारत ने अमेरिका से खरीदे जाने वाले 31 एमक्यू-9बी ड्रोन को लेकर साफ किया है कि अभी इनकी कीमतें तय नहीं हुईं हैं और अमेरिकी सरकार की नीति मंजूरी मिलने के बाद कीमत पर बातचीत की जाएगी। कीमत और खरीद की अन्य नियम एवं शर्तें अभी तय नहीं की गई हैं और ये बातचीत के अधीन हैं। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) जनरल एटॉमिक्स (जीए) से तालमेल करके अन्य देशों की तुलना में सर्वोत्तम कीमत से खरीद करेगा। इसके विपरीत अमेरिका ने 3.99 बिलियन अमेरिकी डॉलर (32 हजार करोड़) की अनुमानित लागत पर भारत को 31 एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इस मेगा ड्रोन सौदे की घोषणा जून, 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजकीय यात्रा के दौरान की गई थी।
अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) (US Defense Security Cooperation Agency) ने कहा कि भारत ने 31 एमक्यू-9बी स्काई गार्जियन विमान खरीदने का अनुरोध किया था। लंबी दूरी का यूएवी किसी भी खतरे पर नज़र रखते हुए 36 घंटे तक हवा में रह सकता है। दी गई मंजूरी में 170 एजीएम-114 आर हेलफायर मिसाइलें, 16 एम36ई9 हेलफायर कैप्टिव वायु प्रशिक्षण मिसाइलें, 310 लेजर छोटे व्यास वाले बम और लाइव फ्यूज के साथ आठ लेजर निर्देशित परीक्षण वाहन भी शामिल हैं। भारत को 31 हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस यूएवी मिलेंगे, जिनमें से नौसेना को 15 सी गार्जियन ड्रोन मिलेंगे, जबकि सेना और भारतीय वायु सेना को आठ-आठ लैंड वर्जन स्काई गार्डियन मिलेंगे। फिलहाल भारत ने नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन अमेरिका से 30 महीने के लिए लीज पर लेने का समझौता किया है।-
