
महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों की मराठी परखने उतरी आरटीओ टीमें, फेल होने पर मिलेगा नोटिस
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चालकों के लिए मराठी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान को अनिवार्य बनाने की दिशा में परिवहन विभाग (Transport Department in Maharashtra) ने सख्ती शुरू कर दी है। राज्यभर में गुरुवार से आरटीओ की टीमें चालकों से मराठी भाषा से जुड़े 16 सवाल पूछ रही हैं। संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले चालकों को एक महीने का नोटिस दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, एक महीने बाद दोबारा जांच में भी अगर चालक संतोषजनक प्रदर्शन नहीं कर पाता है, तो उसका बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। इसके बाद उसे फिर से मराठी सीखने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे कार्रवाई जारी रहेगी।
किस तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं?
यह अभियान महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (Maharashtra Transport Minister Pratap Sarnaik) की घोषणा के बाद शुरू किया गया है। सरकार का उद्देश्य टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और ऐप आधारित कैब चालकों में मराठी का इतना व्यावहारिक ज्ञान सुनिश्चित करना है कि वे यात्रियों से रोजमर्रा की बातचीत आसानी से कर सकें। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, टेस्ट में औपचारिक भाषा ज्ञान के बजाय ड्राइवरों की रोजमर्रा की परिस्थितियों में मराठी समझने और बोलने की क्षमता परखने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत उनसे यात्रियों की मंजिल पूछने, रास्ता और दिशा समझने, किराया बताने, मीटर शुरू करने तथा टैक्सी या ऑटो स्टैंड से जुड़े सवाल किए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, ‘मुझे सीएनजी भरवानी है, थोड़ी देर रुकना पड़ेगा’, ‘मेरी रिक्शा/टैक्सी शेयरिंग की है’ और ‘मीटर चालू कर दिया है’ जैसे वाक्यों का मराठी में इस्तेमाल करने की क्षमता भी जांची जा रही है।
प्रश्नावली कैसे तैयार हुई और अब तक कितनों को मिला प्रशिक्षण?
एक वरिष्ठ आरटीओ अधिकारी ने बताया कि परिवहन आयुक्त कार्यालय से 16 सवालों की प्रश्नावली मिली है, जो कोंकण साहित्य परिषद (Konkan Sahitya Parishad) की ओर से टैक्सी और ऑटो चालकों को दिए गए मराठी भाषा प्रशिक्षण के आधार पर तैयार की गई है। यह प्रशिक्षण स्वतंत्रता दिवस पर समाप्त हुआ था। परिवहन विभाग ने आरटीओ अधिकारियों को पूरी जांच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करने का निर्देश भी दिया है। सरकार के अनुसार, 105 दिनों तक चले अभियान के दौरान करीब 1.65 लाख चालकों को मराठी का प्रशिक्षण देकर प्रमाणपत्र दिए जा चुके हैं।
