
काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल के उच्चतम न्यायालय (Nepal’s Supreme Court) (सुप्रीम कोर्ट) ने सरकारी नियंत्रण वाले नेपाल वायु सेवा निगम के कार्यकारी अध्यक्ष महेश्वरभक्त श्रेष्ठ (Maheshwar Bhakta Shrestha) की नियुक्ति रद्द कर दी है। शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सुनील पोखरेल और बालकृष्ण ढकाल की (Justices Sunil Pokharel and Balkrishna Dhakal) संयुक्त पीठ ने श्रेष्ठ की नियुक्ति को रद्द करने का फैसला सुनाया।
निगम के संचालक समिति के सदस्य उपेन्द्र बहादुर कार्की (Upendra Bahadur Karki) ने प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के सचिवालय समेत पांच लोगों को विपक्षी बनाते हुए 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की थी। कार्की ने श्रेष्ठ की नियुक्ति रद्द करने के साथ ही स्वयं को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए परमादेश जारी करने की मांग भी की थी।
सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता एवं सह-रजिस्ट्रार अर्जुन प्रसाद कोइराला (Arjun Prasad Koirala) ने बताया कि अदालत ने रिट को केवल आंशिक रूप से जारी किया है। उन्होंने कहा, “आंशिक रिट जारी होने का मतलब है कि वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति रद्द कर दी गई है। याचिकाकर्ता ने खुद को नियुक्त करने के लिए परमादेश की भी मांग की थी। लेकिन परमादेश के संबंध में उनकी मांग खारिज कर दी गई है।”
