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New Delhi : राहुल गांधी दूसरे धार्मिक ग्रंथों पर बोलने से डरते हैंः विनोद बंसल

New Delhi: Rahul Gandhi is afraid to speak about other religious texts: Vinod Bansal

नई दिल्ली : (New Delhi) विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल (Vinod Bansal) ने रविवार को कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के लिए हिंदू के ग्रंथों पर बिना भावार्थ समझे बोलना आसान है लेकिन वह कुरान, बाइबल और अन्य अब्राहमिक पुस्तकों पर बोलने में डरते हैं।

विहिप नेता बंसल ने एक्स पर लिखा, “राहुल गांधी के लिए बिना समझे मनुस्मृति के एक श्लोक को चुनकर हिन्दू समाज को कटघरे में खड़ा करना बहुत आसान है। लेकिन इतना ही खुलकर तथा साहस के साथ कुरान, बाइबल और अन्य अब्राहमिक पुस्तकों में महिलाओं के संदर्भ में कही गई बातों को भी सार्वजनिक रूप से कह पाएंगे!”

उन्होंने कहा कि चुनिंदा उद्धरणों और उनके विकृत अर्थों से दूषित राजनीति तो हो सकती है सत्य सामने नहीं आता। क्या आपको पता है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।” भी मनुस्मृति का ही श्लोक है। इसलिए राहुल पहले पूरे ग्रंथ पढ़िए संतों और व्याख्याकारों के चरणों में बैठिये, फिर हिन्दू समाज को प्रमाणपत्र बाँटिए। किंतु, उससे पूर्व देश के युवाओं के शुद्ध मन में अपनी अशुद्ध मानसिकता का जहर मत घोलिए। महिलाओं के सम्मान और गरिमा की बात भारत को आपसे सीखने की आवश्यकता नहीं है। यहां की नारी शक्ति हमारी सभ्यता की पहचान रही है। उसे राजनीतिक भाषणों के लिए मनुस्मृति बनाम संविधान की लड़ाई में बदलना इतिहास और संस्कृति-दोनों के साथ अन्याय है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले कई दिनों से ‘छात्रों की गूंज’ (‘Chhatron ki Goonj’) नाम से एक अभियान चला रहे हैं। इसके तहत वह अलग-अलग विश्वविद्यालय और कॉलेज के छात्रों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शनिवार को महाराष्ट्र के शहर पुणे (Pune, Maharashtra) में महिलाओं को संबोधित करने के दौरान मुनस्मृति के एक श्लोक का जिक्र किया। उन्होंने कहा था कि मनुस्मृति में महिला को कभी भी स्वतंत्र नहीं होने की बात कही गई है। इसी बात पर कुछ लोग उनकी इस बात का विरोध कर रहे हैं।