
नई दिल्ली : (New Delhi) राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और आसपास के शहरों में प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए महाराष्ट्र के नासिक (Nashik, Maharashtra) से लगभग 453.65 टन प्याज लेकर पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ (‘Kanda Express’) शुक्रवार को दिल्ली पहुंची। ये प्याज उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध होगा।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे (Nidhi Khare, Secretary of Consumer Affairs) ने शुक्रवार को बताया कि 21 वैगनों में 453.65 टन प्याज लेकर पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ आज सुबह नई दिल्ली पहुंची है। भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) (National Cooperative Consumers’ Federation of India Limited) की प्याज वाली मोबाइल वैन आज से शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि इस प्याज को दिल्ली-एनसीआर में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जाएगा। इसका कुछ हिस्सा चंडीगढ़, लुधियाना और जम्मू जैसे नजदीकी शहरों में भी भेजा जाएगा।
खरे ने बताया कि चेन्नई जाने वाली ‘कांदा एक्सप्रेस’ के रैक को शुक्रवार को लोड किया जाएगा, जिसके बाद तीन अन्य गंतव्यों मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी (Madurai, Ernakulam, and Guwahati) के लिए एक के बाद एक रैक रवाना की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि बफर स्टॉक जारी होने से एक सप्ताह के भीतर दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमतों में कमी होने की उम्मीद है।
राजधानी नई दिल्ली में गुरुवार को प्याज की खुदरा कीमतें 88 फीसदी बढ़कर 62 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं, जो एक साल पहले 33 रुपये प्रति किलोग्राम थीं। इस दिन अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 46.58 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जबकि थोक भाव 38.29 रुपये प्रति किलोग्राम था।
केंद्र सरकार के पास इस समय मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत बफर स्टॉक के रूप में लगभग 1.21 लाख टन प्याज मौजूद है।
