
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) (शरदचंद्र पवार) के भीतर हलचल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। शनिवार को मुंबई में शरद पवार (Sharad Pawar) की अध्यक्षता में पार्टी की महत्वपूर्ण कोर कमेटी की बैठक हुई, लेकिन युवा विधायक रोहित पवार (MLA Rohit Pawar) की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया। पिछले कुछ समय से रोहित पवार की कांग्रेस और राहुल गांधी (Rahul Gandhi. Rohit Pawar) के साथ बढ़ती नजदीकियों की चर्चा के बीच उनकी बैठक से दूरी को सियासी संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर रोहित पवार ने पार्टी अध्यक्ष शरद पवार को पत्र लिखकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें बैठक का निमंत्रण मिला था और वह इसमें शामिल होना चाहते थे, लेकिन करीब छह महीने पहले तय किए गए विदेश दौरे के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। उन्होंने बैठक में शामिल होने के लिए अपना दौरा टालने का प्रयास भी किया, लेकिन अपरिहार्य कारणों से ऐसा नहीं कर पाए।
रोहित पवार ने पत्र में कहा कि बैठक में पार्टी जो भी निर्णय लेगी और उन्हें जो भी मार्गदर्शन दिया जाएगा, वह उन्हें पूरी तरह स्वीकार होगा। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की जानकारी प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे को भी पहले ही दे दी थी।
रोहित पवार (Rohit Pawar) की कांग्रेस के प्रति बढ़ती नजदीकियों को लेकर पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है। इसी बीच पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक से उनकी गैरमौजूदगी ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी। हालांकि, रोहित पवार की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है कि वह पार्टी छोड़ने या किसी अन्य दल में जाने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी की भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर भी उनके रुख पर नजर है। खासकर भाजपा के साथ किसी तरह के समीकरण या महायुति के साथ जाने की संभावनाओं को लेकर रोहित पवार की कथित असहमति को भी इन अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बैठक के बाद प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे (Shashikant Shinde) ने पार्टी में किसी तरह की टूट, अजित पवार गुट के साथ विलय या एनडीए में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में दोनों गुटों के विलय अथवा एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई चर्चा या प्रस्ताव नहीं हुआ। शिंदे ने कहा कि पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर है। अक्टूबर से राज्यभर में दौरे शुरू किए जाएंगे और संगठन में युवाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने पर विशेष जोर रहेगा।
कोर कमेटी में कई बड़े नेता रहे मौजूद
मुंबई में हुई बैठक में जितेंद्र आव्हाड, हर्षवर्धन पाटील, अनिल देशमुख, अशोक पवार, राजेंद्र शिंगणे और सांसद निलेश लंके सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में संगठन को मजबूत करने के साथ राज्य की महायुति सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
