
जरांगे ने 12 सितंबर से मुंबई में बड़े प्रदर्शन की दी चेतावनी
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण (issue of Maratha reservation) का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मराठा समुदाय के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल (Manoj Jarange Patil) अपनी मांगों को लेकर जालना जिले (Jalna district) के अंतरवाली सराटी गांव में दोबारा भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके अनशन का सोमवार को तीसरा दिन है। पिछले तीन वर्षों में यह उनका 11वां आंदोलन बताया जा रहा है। जरांगे की मुख्य मांग मराठा समुदाय के पात्र लोगों को कुणबी प्रमाण पत्र (Kunbi certificates) देने की है, ताकि उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण का लाभ मिल सके। जरांगे के आंदोलन के बीच राज्य सरकार की मराठा आरक्षण उपसमिति उनकी मांगों पर विचार कर रही है। सरकार की ओर से जल्द ही जरांगे से बातचीत किए जाने की तैयारी है। आंदोलन को देखते हुए सरकार और मराठा संगठनों के बीच एक बार फिर बातचीत का रास्ता खुलने की संभावना है। अनशन के बीच जरांगे पाटिल ने 12 सितंबर से मुंबई के आजाद मैदान में बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने अपने समर्थकों से 12 सितंबर से पहले मुंबई पहुंचने और अपने रिश्तेदारों या परिचितों के यहां ठहरने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा है कि उनके मुंबई पहुंचने तक कोई भी समर्थक सीधे आजाद मैदान या मुख्यमंत्री आवास (Azad Maidan or the Chief Minister’s residence) की ओर न जाए और न ही सड़कों पर उतरकर आंदोलन करे।
