
शिवपुरी : (Shivpuri) केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Union Minister for Communications and Development of North Eastern Region, Jyotiraditya Scindia) ने बुधवार को शिवपुरी में देश के 7वें पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर (7th Postal Training Centre in Shivpuri) का भूमिपूजन किया। यह केन्द्र डाक विभाग के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के तंत्र को मजबूत करने के साथ मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों के डाक कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक और नई पीढ़ी के कौशल का प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा।
केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप यह केन्द्र डाक विभाग को बदलते समय की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना से मध्य प्रदेश के डाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए लगभग 600 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा। शिवपुरी में ही उन्हें आधुनिक सुविधाओं और नई तकनीकों से युक्त प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु-शिष्य (Guru-Shishya) परंपरा का विशेष महत्व रहा है। इसी भावना के साथ यह केन्द्र ज्ञान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाएगा। बदलते समय के साथ डाक सेवाओं का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है और कर्मचारियों को इन परिवर्तनों के अनुरूप तैयार करना हमारी प्राथमिकता है।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि शिवपुरी का यह पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर देश में पहले से संचालित छह पोस्टल ट्रेनिंग सेंटरों की शृंखला का विस्तार है। वर्तमान में सहारनपुर, वडोदरा, मैसूर, गुवाहाटी, मदुरई और दरभंगा (Saharanpur, Vadodara, Mysuru, Guwahati, Madurai, and Darbhanga) में ये केन्द्र संचालित हैं और प्रतिवर्ष लगभग 2,000 डाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का क्षेत्रफल की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा राज्य है और भारत के मध्य में स्थित शिवपुरी अपनी भौगोलिक स्थिति एवं कनेक्टिविटी के कारण राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केन्द्र के लिए उपयुक्त स्थान है। यहां डाक कर्मचारियों को विशेषज्ञता आधारित, तकनीक-सक्षम और नई पीढ़ी के प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि डाक सेवा को डिजिटल बनाकर 140 करोड़ भारतीयों को इससे जोड़ा जाए। इसी संकल्प की प्राप्ति की दिशा में डाक विभाग निरंतर आगे बढ़ रहा है और पिछले दो वर्षों में विभाग ने अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है।
उन्होंने कहा कि जिस डाक विभाग (Department of Post) में कभी वार्षिक राजस्व वृद्धि 100-200 करोड़ रुपये के आसपास हुआ करती थी, उसी विभाग का राजस्व वर्ष 2024 में ₹13,218 करोड़ था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर ₹15,296 करोड़ हो गया। यानी केवल एक वर्ष में ₹2,078 करोड़ की वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन डाक विभाग की बदलती कार्यप्रणाली, तकनीक के बढ़ते उपयोग और नई सेवाओं के विस्तार का प्रमाण है।
सिंधिया ने कहा कि आज डाक विभाग केवल पारंपरिक डाक सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से देश के नागरिकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप स्वयं को निरंतर तैयार कर रहा है। शिवपुरी का नया पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर इस परिवर्तन को गति देगा और डाक कर्मचारियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के लिए तैयार करेगा।
