
भुवनेश्वर : (Bhubaneswar) उत्तरी ओडिशा (northern Odisha) में बाढ़ से बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां 373 गांवों में पानी भर गया है। हालांकि प्रमुख नदियों का जलस्तर अब घट रहा है, प्रशासन ने 47 बचाव टीमें तैनात कर राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में कुछ जिलों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं की संभावना जताई है। सुवर्णरेखा नदी (Subarnarekha River) ने बालासोर जिले के पांच ब्लॉकों भोगराई, बालियापाल, बस्ता, रेमुना और जलेश्वर के 214 गांवों को जलमग्न कर दिया था। नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, हालांकि उसका जलस्तर अब घट रहा है।
जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत (Dilip Kumar Rout, Engineer-in-Chief of the Water Resources Department) ने कहा कि दोपहर तक राजघाट पर सुवर्णरेखा का जलस्तर 10.84 मीटर था, जबकि खतरे का स्तर 10.36 मीटर है। अभी जलस्तर घट रहा है, जो नदी की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। अधिकारी ने बताया कि बालासोर जिले के प्रभावित गांवों से करीब 35,740 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इन लोगों को 72 राहत शिविरों में रखा गया है।
