
संगठन मजबूत करने पर दिया जोर
लखनऊ : (Lucknow) बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (National President Mayawati) ने गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद (National Convenor, Akash Anand) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को अभी और परिपक्व होने की जरूरत है। ऐसे में फिलहाल उन्हें पार्टी की कोई बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विरोधी चुनाव में साम, दाम, दंड, भेद जैसे हथकंडों का इस्तेमाल कर नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए भी समय की जरूरत है।
माल एवेन्यू स्थित बसपा के राज्य मुख्यालय में प्रदेश, मंडल और सभी 75 जिलों के अध्यक्षों समेत वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने संगठन के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने पदाधिकारियों से पिछली अखिल भारतीय बैठक में दिए गए निर्देशों का ईमानदारी और निष्ठा से पालन करने तथा संगठन की कमियों को दूर करने पर जोर दिया।
कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प
मायावती ने कहा कि बसपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर (Baba Saheb Dr. Bhimrao Ambedkar) के ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी और आंदोलन है। मान्यवर कांशीराम ने शोषित वर्ग को जागरूक कर उसे सत्ता में भागीदारी दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया और उनके अधूरे मिशन को आगे बढ़ाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांशीराम की तरह वह भी परिवारवाद और रिश्तेदारों को चुनाव लड़ाने अथवा सरकार बनने पर पद देने के पक्ष में नहीं हैं। आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की अनुमति है, लेकिन उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने से पहले अभी और अनुभव हासिल करने की जरूरत है।
संगठन विस्तार पर जोर
मायावती ने विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ राज्यवार समीक्षा की और संगठन मजबूत करने तथा सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कांशीराम की नौ अक्टूबर को पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश में प्रदेश स्तरीय और अन्य राज्यों में जोन स्तर पर खुली संगोष्ठियां आयोजित करने को कहा।
बसपा प्रमुख ने महंगाई, प्राकृतिक आपदाओं, वैश्विक युद्ध की स्थिति और देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों (central and state governments) से इन चुनौतियों को गंभीरता से लेकर जनहित में प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
