
महाराष्ट्र में अब शरीर के वजन का 10 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा स्कूल बैग
भारी बस्ते से राहत के लिए सभी स्कूलों को निर्देश, उल्लंघन पर मान्यता तक रद्द हो सकती है
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा विभाग (Maharashtra School Education Department) ने विद्यार्थियों को भारी बस्ते से राहत देने के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब किसी भी विद्यार्थी के स्कूल बैग का वजन उसके शरीर के वजन के 10 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। यह नियम सभी सरकारी, अनुदानित, गैर-अनुदानित और निजी स्कूलों पर लागू होगा।
समय-सारिणी में करना होगा बदलाव
स्कूलों को कक्षाओं की समय-सारिणी इस तरह तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को रोजाना केवल आवश्यक किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री ही स्कूल लानी पड़े। इसका उद्देश्य अनावश्यक सामग्री के कारण बढ़ने वाले बस्ते के वजन को कम करना है।
नियमित जांच की जिम्मेदारी स्कूलों की
स्कूलों को विद्यार्थियों के बस्तों के वजन की नियमित निगरानी करनी होगी। इसके लिए स्कूल परिसर में उचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को भारी बस्ता उठाने से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के प्रति जागरूक करना होगा।
नियम तोड़े तो सहायता में कटौती
निर्देशों का पालन नहीं करने वाले शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है। इसमें सरकारी सहायता में कटौती से लेकर गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता रद्द करने तक का प्रावधान है।
केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर फैसला
स्कूल शिक्षा आयुक्त (School Education Commissioner) की ओर से जारी यह निर्देश केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 11 अगस्त को जारी बस्ता वजन कम करने संबंधी दिशा-निर्देशों के आधार पर दिया गया है। लंबे समय से अभिभावक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग विद्यार्थियों के भारी बस्तों का मुद्दा उठाते रहे हैं।
स्कूल बैग नीति 2020 के तहत भी प्रावधान
स्कूल बैग नीति (School Bag Policy) 2020 के तहत भी स्कूलों के लिए विद्यार्थियों के बस्तों के वजन की नियमित जांच और इसके लिए उचित व्यवस्था करना आवश्यक है। अब महाराष्ट्र में स्कूलों को निर्धारित सीमा के मुताबिक बस्ते का वजन सुनिश्चित करना होगा।
