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Seoul : होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सेना भेजने से दक्षिण कोरिया ने किया इनकार, कहा-समीक्षा जारी

Seoul: South Korea denies sending troops to the Strait of Hormuz, says review ongoing

सियोल : (Seoul) दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सैन्य बल भेजने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सरकार इस प्रस्ताव की व्यापक समीक्षा कर रही है और किसी भी निर्णय से पहले देश की रक्षा तैयारियों तथा कानूनी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखा जाएगा।

दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप

के अनुसार, राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि यदि दक्षिण कोरिया होर्मुज़ में योगदान देने का फैसला करता है, तो वह जलडमरूमध्य में मुक्त और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सैन्य सहयोग कर सकता है। हालांकि, यह योगदान ऐसा होना चाहिए जिससे कोरियाई प्रायद्वीप पर दक्षिण कोरिया की रक्षा तैयारियों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि दक्षिण कोरियाई सरकार (South Korean government) होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य बल भेजने की योजना पर संसद की मंजूरी लेने की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों में कॉम्बैट सपोर्ट शिप समेत अन्य सैन्य संसाधनों की तैनाती की संभावना जताई गई थी।

अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकार की बातचीत अभी संसद की मंजूरी लेने के चरण तक नहीं पहुंची है और तैनाती को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि होर्मुज़ में सैन्य योगदान का मतलब केवल लड़ाकू सैनिकों की तैनाती नहीं है। सरकार गैर-लड़ाकू बल, खोज एवं बचाव दल तथा अन्य संभावित विकल्पों पर भी विचार कर रही है।

अधिकारी ने कहा कि सैन्य तैनाती को सीधे युद्ध या लड़ाई से जोड़ना जरूरी नहीं है। दक्षिण कोरिया अपनी सुरक्षा स्थिति और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकल्पों की समीक्षा कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) की ओर से दक्षिण कोरिया पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य में योगदान देने का दबाव बढ़ाया गया है। ट्रंप कई बार सियोल पर अमेरिकी अनुरोध को ठुकराने का आरोप लगा चुके हैं।

हालांकि, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने उन अटकलों को खारिज किया कि होर्मुज़ में संभावित सैन्य तैनाती का मुद्दा सियोल और वॉशिंगटन के बीच चल रही बातचीत में बड़ी बाधा बन गया है।

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच पिछले साल हुए बड़े टैरिफ समझौते के तहत आर्थिक और रक्षा संबंधी समझौतों को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत जारी है। राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी ने माना कि दोनों देशों के बीच बातचीत फिलहाल सुचारू रूप से आगे नहीं बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि बातचीत में सेमीकंडक्टर से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। इसी बीच अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक (US Commerce Secretary Howard Lutnick) ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि ट्रंप प्रशासन सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए एक विशेष और रणनीतिक टैरिफ नीति तैयार करने पर काम कर रहा है।

फिलहाल दक्षिण कोरिया का रुख यही है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में किसी भी संभावित योगदान पर फैसला देश की सुरक्षा जरूरतों, कानूनी प्रक्रियाओं और रक्षा तैयारियों की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।