
केईएम अस्पताल पहुंचकर घायल गोविंदाओं का जाना हाल
प्रशासन को बेहतर उपचार के निर्देश
मुंबई : (Mumbai) दहीहंडी उत्सव के अवसर पर मुंबई की महापौर रितू तावड़े (Mumbai Mayor Ritu Tawde) ने शहर और उपनगरों में आयोजित विभिन्न दहीहंडी उत्सवों में पहुंचकर गोविंदा पथकों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने विभिन्न मंडलों के आयोजनों में शामिल होकर मानव पिरामिड बनाने वाले गोविंदाओं का मनोबल बढ़ाया। देर रात महापौर ने परेल स्थित राजे एडवर्ड स्मारक (Raje Edward Memorial) (KEM) अस्पताल पहुंचकर घायल गोविंदाओं से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
महापौर ने वरली के जांबोरी मैदान में परिवर्तन इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित परिवर्तन दहीहंडी, भोईवाड़ा में आयोजित दहीहंडी, घाटकोपर पश्चिम में श्रेयस सिग्नल स्थित मानाची दहीहंडी, भटवाड़ी नाका, असल्फा विलेज, सैनेटोरियम रोड, विक्रांत सर्कल, नारकर मार्ग, भांडुप पश्चिम के कोकण नगर नाका और दहिसर पूर्व के विभिन्न दहीहंडी समारोहों में भाग लिया।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Minister Piyush Goyal), मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहिर, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि, नगरसेवक और गणमान्य लोग मौजूद रहे। महापौर रितू तावड़े ने गोविंदा पथकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दहीहंडी उत्सव में उत्साह के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
168 गोविंदा घायल
दहीहंडी के दौरान मानव पिरामिड बनाते समय सरकारी और मनपा अस्पतालों में देर रात तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार कुल 168 गोविंदा घायल हुए। घायलों का हाल जानने के लिए महापौर देर रात केईएम अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अस्थि एवं शल्य चिकित्सा विभाग में भर्ती सात गोविंदाओं की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और उनके परिजनों से भी बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दिनभर में 42 गोविंदाओं को उपचार के लिए केईएम अस्पताल लाया गया, जिनमें से 35 को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। सात गोविंदाओं का अभी इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।
महापौर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि उपचाराधीन सभी गोविंदाओं को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। इस दौरान केईएम अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. हरीश पाठक, अस्थि एवं शल्य चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. मोहन देसाई (Dr. Mohan Desai) सहित संबंधित चिकित्सक मौजूद रहे।
