
मुंबई : (Mumbai) मराठा आरक्षण के लिए पिछले दस दिनों से भूख हड़ताल कर रहे मराठा नेता मनोज जारांगे पाटिल (Maratha leader Manoj Jarange Patil) ने सोमवार को कहा कि 12 सितंबर को अंतरावली सराटी (Antarwali Sarati) में एक महत्वपूर्ण बैठक होगी और इसके बाद मुंबई जाने की तारीख तय की जाएगी। मनोज जारांगे ने मराठा समाज से अपील की है कि फिलहाल कोई भी मुंबई की ओर न जाए।
जारांगे पाटिल ने सोमवार को जालना जिले के अंतरवाली सराटी में (Antarwali Sarati in Jalna district) कहा कि राज्य सरकार उनके आंदोलन पर सुस्ती बरत रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के रवैये से मराठा समाज में गुस्सा बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने शिंदे और फडणवीस सरकार पर मराठा समाज को धोखा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों के मराठा समाज के लोगों से 12 सितंबर को अंतरावली सराटी पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, मुंबई, नवी मुंबई, नागपुर, कोल्हापुर, नांदेड़, सांगली, सतारा, हिंगोली, परभणी, लातूर, धाराशिव, बीड, जालना और संभाजीनगर समेत कई इलाकों के लोगों से बैठक में शामिल होने को कहा। उन्होंने कहा कि बैठक के लिए अंतरावली में साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन और बैठने की व्यवस्था की जाएगी। चाहे बैठक में 10 लोग आएं, 50 लोग, 5 हजार या 5 लाख आएं आगे का फैसला वहीं लिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई जाने की तारीख 12 सितंबर की बैठक के बाद तय की जाएगी। उन्होंने मराठा समाज से फिलहाल अंतरावली में एकजुट होने और बैठक के बाद ही मुंबई की ओर आगे बढऩे की अपील की है। उन्होंने आंदोलन के दौरान किसी मराठा आंदोलनकारी के घायल होने की स्थिति में महाराष्ट्र बंद (‘Maharashtra Bandh’) की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि मुंबई जाते समय पुलिस की ओर से किसी तरह की कार्रवाई या हमला हुआ तो स्थिति बिगड़ सकती है। उन्होंने आंदोलनकारियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में भगदड़ न मचाएं और संयम बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संघर्ष पुलिस से नहीं, बल्कि सरकार से है।
