
मुंबई/नागपुर : (Mumbai/Nagpur) महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की (Maharashtra Public Service Commission) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। औषध निरीक्षक पद की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक (question paper leak for the post of Drug Inspector) होने के मामले के बाद अब राज्य उत्पादन शुल्क उपनिरीक्षक (समूह-क) पद के लिए आयोजित परीक्षा का ‘मार्किंग पैटर्न’ लीक होने का आरोप लगाया गया है। इस परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज कथित तौर पर उजागर होने के मामले में नागपुर पुलिस की जांच रिपोर्ट में गंभीर जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सहसचिव सहित अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट आयोग को भेजी गई है।
नवी मुंबई अपराध शाखा की जांच में दोष
मामले की जांच नवी मुंबई अपराध शाखा (Navi Mumbai Crime Branch) की ओर से भी की गई थी। जांच में संबंधित प्रकरण में दोष पाए जाने का उल्लेख किया गया है। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट आयोग को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में दोष सामने आने और रिपोर्ट आयोग तक पहुंचने के बावजूद अब तक संबंधित अधिकारियों या अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर भी इस मामले ने नई चिंता पैदा कर दी है।
आयोग की भूमिका पर उठे सवाल
मामले में कार्रवाई लंबित रहने से महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (Maharashtra Public Service Commission) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आखिर जांच में दोष सामने आने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई और आयोग किसका बचाव कर रहा है, ऐसा सवाल अब चर्चा में है।
