
भाजपा ने कहा ‘राजनीति नौटंकी
पुणे : (Pune) महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (Maharashtra Congress President Harsh Vardhan Sapkal) ने MPSC परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर पुणे में 7 सितंबर को विद्यार्थियों और शिक्षकों की ओर से आयोजित विराट आक्रोश मोर्चे को कांग्रेस ने समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। कांग्रेस ने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे समेत विद्यार्थियों की न्यायसंगत मांगों का समर्थन किया है। भाजपा ने इसे ‘राजनीतिक नौटंकी ‘ कहा है।
सपकाल ने कहा कि MPSC जैसी स्वायत्त और संवेदनशील संस्था का कामकाज पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय होना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता से किसी भी तरह का समझौता कांग्रेस को स्वीकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा पारदर्शी हो, भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष हो और विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत को न्याय मिले, यही कांग्रेस की स्पष्ट भूमिका है। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली सरकार से जवाब मांगने के लिए कांग्रेस उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी। सपकाल ने कहा कि विद्यार्थियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उनके न्याय के लिए चलाया जा रहा संघर्ष अब और मजबूती से आगे बढ़ेगा।

MPSC आंदोलन को चित्रा वाघ ने बताया ‘राजनीतिक नौटंकी’
भाजपा महिला प्रदेशाध्यक्ष और विधायक चित्रा किशोर वाघ (BJP State Women’s President and MLA Chitra Kishor Wagh) ने MPSC आंदोलन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए इसे ‘राजनीतिक नौटंकी’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार विद्यार्थियों की जायज मांगों पर चर्चा के माध्यम से समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
चित्रा वाघ ने कहा कि पेपर लीक मामले (paper leak case) की जांच के लिए समिति गठित की जा चुकी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि MPSC एक स्वायत्त संस्था है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर अपना राजनीतिक करियर चमकाने की कोशिश की जा रही है। ऐसी ‘राजनीतिक नौटंकी’ का अब उसी अंदाज में जवाब दिया जाएगा। वाघ ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान बातचीत और चर्चा के जरिए होगा, न कि राजनीतिक स्टंटबाजी से।
बता दें कि इस आक्रोश मोर्चे का समर्थन राकांपा (Sharad Pawar) ने भी किया है।
