
कोल्हापुर : (Kolhapur) जामनगर स्थित वंतारा (Vantara, based in Jamnagar) ने कोल्हापुर की हथिनी माधुरी, जिसे महादेवी (Madhuri, a Kolhapur-based elephant also known as Mahadevi) के नाम से भी जाना जाता है, की वापसी को लेकर बयान जारी किया है। वंतारा ने कहा कि माधुरी को 30 जुलाई 2025 को उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के निर्देश पर जामनगर लाया गया था। इन निर्देशों को बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट (Bombay High Court and the Supreme Court) ने भी बरकरार रखा था। संस्था ने स्पष्ट किया कि उसने माधुरी की कस्टडी की मांग नहीं की थी, बल्कि सक्षम अधिकारियों के निर्देश के बाद उसे अपने पास रखकर उसकी देखभाल की।
कोल्हापुर के लोगों की भावनाओं का सम्मान
वंतारा ने कहा कि वह कोल्हापुर में माधुरी को लेकर लोगों की भावनाओं को पूरी तरह समझता है। महाराष्ट्र सरकार, अधिकारियों, हितधारकों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद संस्था ने 6 अगस्त 2025 को कहा था कि वह इन भावनाओं का सम्मान करती है और सक्षम अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद माधुरी की वापसी का रास्ता साफ
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को अपनी दलीलें उच्चाधिकार प्राप्त समिति के समक्ष रखने का निर्देश दिया था। समिति ने पक्षों को सुनने, रिपोर्ट मंगाने और नंदानी स्थित सुविधा का निरीक्षण करने के बाद 9 सितंबर 2026 को माधुरी को कोल्हापुर लौटाने की अनुमति दी। हालांकि, वापसी के साथ कई सख्त शर्तें भी तय की गई हैं। समिति की शर्तों के अनुसार माधुरी का इस्तेमाल किसी जुलूस या अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। उसे चौबीसों घंटे देखभाल उपलब्ध करानी होगी और हर 15 दिन में उसकी चिकित्सकीय जांच करनी होगी। वंतारा ने कहा कि वह उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अधिकार (authority of the High-Powered Committee) का सम्मान करता है और उसके सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगा।
