
नई दिल्ली : (New Delhi) राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit in the capital New Delhi) में हस्तशिल्प बाजार में सदस्य और साझेदार देशों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिल रही है। यह बाजार भारत मंडपम के पास राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी परिसर में लगाया गया है। ये बाजार 10 सितंबर को शुरू हुआ है, जो 15 सितंबर तक चलेगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की बेटी जहरा पेजेशकियन (Iranian President Masoud Pezeshkian’s daughter Zahra Pezeshkian) ने शनिवार को अपने पति हसन मजीदी के साथ ब्रिक्स बाजार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ब्रिक्स के सदस्यों और सहयोगी देशों की ओर से प्रदर्शित विविध कला, हस्तशिल्प और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की एक झलक भी देखी। उनका यह दौरा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भारत की समृद्ध शिल्प परंपरा को इस वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने की एक खास पहल का हिस्सा है।
ईरान की कलाकार नादिया करीमी (Iranian artist Nadia Karimi) ने बलूची कढ़ाई की पारंपरिक कला को संरक्षित करने और उसे आगे विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। ब्रिक्स सदस्य देशों के इस बाजार में मिट्टी से कलाकृतियां बनाने वाली ब्राजील की सदियों पुरानी कला से लेकर बेलारूस की पारंपरिक ‘विलो वीविंग’ तक के हस्तशिल्प को इस बाजार में प्रदर्शित किए हैं। ‘विलो वीविंग’ पेड़ की लचीली और पतली टहनियों को आपस में बुनकर उपयोगी और सजावटी वस्तुएं बनाने की पारंपरिक कला को भी यहां प्रदर्शित किया गया है। इन टहनियों से टोकरियां, फर्नीचर, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुएं भी बनाई जाती हैं। यह बेलारूस की पुरानी लोक कलाओं में शामिल है।
बेलारूस की ओर से मोलोडेचनो की प्रसिद्ध ‘विलो वीविंग’ (Willow Weaving) लाना स्लास्त्सियोन ने ‘वर्बाच्का’ लोक शिल्प समूह का प्रतिनिधित्व किया है। मिट्टी के बर्तनों एवं कलाकृतियां बनाने वाली ब्राजील की शिल्पकार एवं मूर्तिकार क्लेजियानिया रिबेरो डी लीमा पाइव बाजार में अपनी कला का प्रदर्शन कर रही हैं। कजाकिस्तान के कलाकार एवं आभूषण डिजाइनर सेरिक रिस्बेकोव ने भी पारंपरिक कजाख प्रभावों को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ा है।
भारत ने एक जनवरी को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली थी और वर्ष 2026 में समूह की स्थापना के 20 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। ब्रिक्स-2026 की आधिकारिक वेबसाइट में कहा गया कि इस बाजार में सदस्य और साझेदार देशों के कारीगरों, डिजाइनरों और रचनात्मक उद्यमों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें हस्तशिल्प, हथकरघा, वस्त्र, कलाकृतियां और अन्य पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं। यह बाजार 10 सितंबर से शुरू हुआ है और 15 सितंबर, 2026 तक लगा रहेगा।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin), चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और कई अन्य नेता नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को चल रहे दो दिवसीय 18वें बिक्स शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
