
न्यूयॉर्क : (New York) विश्व की दूसरे नंबर की खिलाड़ी कजाखस्तान की एलेना राइबाकिना (World No. 2 Elena Rybakina of Kazakhstan) को अच्छी तरह पता है कि अगर उन्हें विश्व नंबर-1 बेलारूस की आर्यना सबालेंका (World No. 1 Aryna Sabalenka of Belarus) को लगातार तीसरी बार यूएस ओपन खिताब जीतने से रोकना है, तो उन्हें किस रणनीति के साथ उतरना होगा।इसलिए वह आक्रामक खेल के साथ रैलियों पर नियंत्रण बनाए रखने और सबालेंका को अंक पर हावी होने से रोकने की कोशिश करेंगी।
यूएस ओपन 2026 महिला एकल के फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त और दो बार की गत चैंपियन सबालेंका का सामना करने से पहले राइबाकिना ने एक साक्षात्कार में कहा, “मुझे लगता है कि वही जज्बा बनाए रखना होगा। उस दिन मैं जैसा भी महसूस करूं, मुझे लड़ना होगा और अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। हम एक-दूसरे को काफी अच्छी तरह जानते हैं और कई बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं। महत्वपूर्ण मौकों पर आक्रामक रहने की कोशिश करूंगी, उन्हें अंक पर नियंत्रण बनाने का इंतजार नहीं करूंगी और रैलियों में खुद को हावी रखने की कोशिश करूंगी।”
आर्थर ऐश स्टेडियम (Arthur Ashe Stadium) में दोनों के बीच फाइनल मुकाबला रविवार, 13 सितंबर को भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे खेला जाएगा। मुकाबले का सीधा प्रसारण जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स पर होगा। यह दोनों खिलाड़ियों के बीच 18वीं भिड़ंत होगी। अभी सबालेंका आमने-सामने के मुकाबलों में 10-7 से आगे हैं। यह 13 साल में पहली बार होगा, जब यूएस ओपन महिला एकल फाइनल (US Open women’s singles final) में शीर्ष दो वरीयता प्राप्त खिलाड़ी आमने-सामने होंगी।
सबालेंका की नजर अपने करियर के पांचवें ग्रैंड स्लैम खिताब और लगातार तीसरे यूएस ओपन खिताब पर है। वहीं, राइबाकिना ने 2023 की यूएस ओपन चैंपियन कोको गॉफ को सेमीफाइनल में 3-6, 6-4, 6-4 से हराकर फाइनल में जगह बनाई है। हालांकि, राइबाकिना का फाइनल तक का सफर आसान नहीं रहा। 27 वर्षीय खिलाड़ी ने बताया कि पैर की समस्या के कारण उन्हें न्यूयॉर्क में टूर्नामेंट खेलने को लेकर भी पूरी तरह भरोसा नहीं था।
उन्होंने कहा, “मैं 100 प्रतिशत निश्चित नहीं थी कि मैं यह टूर्नामेंट खेल भी पाऊंगी या नहीं। शुरुआती कुछ मैचों में मैं अपने पैर और इस बात को लेकर सोच रही थी कि वह कैसी प्रतिक्रिया देगा। शुरुआती मुकाबलों में मैं सहज नहीं थी। इसके बाद धीरे-धीरे मेरा ध्यान इस बात पर गया कि कोर्ट पर मैं क्या गलत कर रही हूं और मुझे किन चीजों में सुधार करना है। इस तरह धीरे-धीरे मैंने अपनी लय हासिल की।”
उन्होंने कहा, “कुछ बेहद मुश्किल प्रतिद्वंद्वी और शानदार मुकाबले भी रहे। मुझे लगता है कि कुछ चीजें निश्चित रूप से मेरे पक्ष में जा रही हैं और उम्मीद है कि फाइनल के दिन मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाऊंगी और यह मेरे लिए सफलता लेकर आएगा।”
टूर्नामेंट के अंतिम दौर में राइबाकिना की मानसिक और शारीरिक मजबूती भी देखने को मिली। उन्हें क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल दोनों में तीन सेट तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मैच के दौरान मैं खुद से कह रही थी कि टूर्नामेंट से पहले मैंने एक सप्ताह तक अभ्यास नहीं किया था। मैं खुद को समझा रही थी कि मैं थकी नहीं हूं और अभी भी संघर्ष कर सकती हूं। ईमानदारी से कहूं तो मैं हर अंक के लिए लड़ रही थी, क्योंकि दोनों मुकाबले बेहद करीबी थे।”
राइबाकिना ने कहा, “कुछ मौकों पर मेरे पास पर्याप्त ऊर्जा नहीं थी और सर्विस के दौरान पैरों से उतना जोर नहीं मिल पा रहा था। लेकिन सामने कोई भी खिलाड़ी हो, अगर मेरी सर्विस काम कर रही है तो यह मेरे खेल में बड़ा फायदा और मजबूत हथियार है। इसलिए मैं मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से खुद को आगे बढ़ाती रही।”
दूसरी ओर, सबालेंका ने सेमीफाइनल में जेसिका पेगुला (jessica Pegula) को 7-5, 6-2 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया और लगातार चौथी बार न्यूयॉर्क के फाइनल में पहुंचीं। वह 2011 से 2014 के बीच सेरेना विलियम्स के बाद लगातार चार यूएस ओपन फाइनल में पहुंचने वाली पहली खिलाड़ी बनी हैं।
फाइनल में सबालेंका इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी, जबकि राइबाकिना अपने ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब के बाद यूएस ओपन ट्रॉफी जीतकर विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाना चाहेंगी।
