
पेरिस : (Paris) फ्रांस के बुसी-सेंट-जॉर्जेस स्थित नए बीएपीएस स्वामीनारायण हिंदू मंदिर (BAPS Swaminarayan Hindu Temple) में यूनेस्को के 43 सदस्य देशों के 50 से अधिक राजदूत और प्रतिनिधि ‘इंडो-फ्रेंच कल्चरल ओपन डे’ में शामिल हुए। कार्यक्रम में यूरोप, अफ्रीका, एशिया, अरब देशों, अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र के राजनयिकों के साथ यूनेस्को के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बुसी-सेंट-जॉर्जेस के मेयर यान डुबोस्क ने मंदिर परियोजना (temple project) के साथ शहर के करीब एक दशक पुराने जुड़ाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना वर्षों के संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और विभिन्न समुदायों के बीच सहयोग का परिणाम है। यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधि विशाल शर्मा ने मंदिर को भारतीय सभ्यता और विरासत का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि भारत में तैयार होकर फ्रांस में जोड़े गए इस मंदिर में भारतीय शिल्प परंपरा और फ्रांसीसी तकनीकी विशेषज्ञता का अनूठा मेल दिखाई देता है।
यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र (UNESCO World Heritage Centre) की उपनिदेशक ज्योति होसाग्राहर ने मंदिर को जीवंत विरासत और सांस्कृतिक संवाद का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करने के साथ विभिन्न समुदायों के बीच आपसी समझ और संबंधों को मजबूत करती हैं।
