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Mizoram : रेल को मिजोरम पहुंचे हुआ एक वर्ष , बैराबी-सैरांग रेल लाइन से पर्यटन में 86 प्रतिशत का उछाल

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मिजोरम : (Mizoram) पूर्वोत्तर के दुर्गम पर्वतीय राज्य मिजोरम (mountainous state of Mizoram) को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेल लाइन परियोजना ने अपने संचालन का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। महज एक वर्ष के भीतर इस रेल संपर्क ने राज्य में यात्रा, पर्यटन और माल ढुलाई के पूरे परिदृश्य को बदल दिया है। रेल कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद से राज्य के पर्यटन में 86 प्रतिशत से अधिक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

रेल मंत्रालय ने बताया कि यात्री सेवाओं के मोर्चे पर पिछले एक वर्ष में 15 लाख से अधिक यात्रियों ने इस रेल सेवा पर भरोसा जताया है। वर्तमान में राज्य की राजधानी आइजोल (सैरांग) गुवाहाटी, कोलकाता और दिल्ली (Guwahati, Kolkata, and Delhi) से सीधी प्रीमियम रेल सेवाओं से जुड़ी है। सैरांग-आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस ने मिजोरम को देश की राजधानी से सीधा संपर्क दिया है। इसके अलावा जनवरी 2026 में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा शुरू की गई सैरांग-सिलचर पैसेंजर ट्रेन असम की बराक घाटी से नियमित जुड़ाव प्रदान कर रही है।

इन सभी ट्रेनों ने पिछले एक वर्ष में 1,100 से अधिक फेरे पूरे किए हैं और सभी ट्रेनें 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं। सैरांग-आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस (Sairang-Anand Vihar Rajdhani Express) में 145 प्रतिशत, सैरांग-कोलकाता सेवा में 140 प्रतिशत और सैरांग-गुवाहाटी ट्रेन में औसतन 110 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है। इन सेवाओं से भारतीय रेलवे को टिकट बिक्री के जरिए 54 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। अकेले सैरांग स्टेशन पर पिछले एक वर्ष में 5.54 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई।

माल ढुलाई (freight sector) बीके क्षेत्र में इस रेल लाइन ने मिजोरम में आवश्यक वस्तुओं और निर्माण सामग्री की लागत में भारी कमी की है। उद्घाटन के ठीक एक दिन बाद 14 सितंबर 2025 को गुवाहाटी के पास तेतेलिया से 26,000 बोरी सीमेंट लेकर पहली मालगाड़ी सैरांग पहुंची थी, जिससे आइजोल में सीमेंट के दामों में तत्काल गिरावट आई। वहीं दिसंबर 2025 में 119 मारुति कारों की पहली खेप रेल मार्ग से सैरांग पहुंची।

पिछले एक वर्ष में सैरांग में 2,500 से अधिक वैगन माल की आपूर्ति की जा चुकी है, जिसमें 70 प्रतिशत हिस्सा सीमेंट, पत्थर और रेत जैसी निर्माण सामग्री का रहा। इसके अलावा चावल, उर्वरक और 156 वैगन ऑटोमोबाइल की सुरक्षित डिलीवरी की गई।

स्थानीय आजीविका और हस्तशिल्प को बढ़ावा देते हुए 19 सितंबर 2025 को सैरांग से राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) बीके पार्सल वैन के माध्यम से एंथुरियम फूलों की पहली खेप दिल्ली भेजी गई थी। इसने स्थानीय किसानों और कारीगरों के हथकरघा, बांस और हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय बाजारों तक सीधी, त्वरित और किफायती पहुंच प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने 13 सितंबर 2025 को बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन और सैरांग रेलवे स्टेशन का उद्घाटन कर राज्य के लोगों का दशकों पुराना सपना पूरा किया था। दशकों तक केवल लंबी, असहज और अनिश्चित सड़क यात्राओं पर निर्भर रहने वाले इस पर्वतीय राज्य के लिए यह परियोजना एक गेम-चेंजर साबित हुई है।

इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना मानी जाने वाली यह रेल लाइन मिजोरम की खड़ी पहाड़ियों, गहरी घाटियों और खड्डों से होकर गुजरती है। इस पूरे प्रोजेक्ट में कुल 153 पुल शामिल हैं, जिनमें 55 बड़े पुल, 88 छोटे पुल और 10 रोड ओवर/अंडर ब्रिज हैं। परियोजना में 6 पुल 70 मीटर से अधिक ऊंचे हैं, जबकि सबसे ऊंचा पुल 114 मीटर का है, जो दिल्ली के कुतुब मीनार (Qutub Minar in Delhi) से 42 मीटर अधिक ऊंचा है। इसके साथ ही यह लाइन लगभग 16 किलोमीटर लंबी 45 सुरंगों से होकर गुजरती है और होर्टोकी, कावनपुई, मुआलखांग तथा सैरांग के चार नए स्टेशनों को जोड़ती है।