
वीर रस की रचनाओं ने बांधा समां, हास्य कविताओं ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी (Maharashtra State Hindi Sahitya Akademi) की ओर से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राजभाषा पखवाड़े (‘Rajbhasha Pakhwada’) के तहत काव्य प्रस्तुति कार्यक्रम में शौर्य, देशभक्ति और हास्य की त्रिवेणी देखने को मिली। वीर रस और राष्ट्र चेतना से ओतप्रोत रचनाओं ने जहां दर्शकों में उत्साह का संचार किया, वहीं हास्य कविताओं ने उन्हें खूब गुदगुदाया।
श्रद्धा शौर्य की ओजस्वी रचनाओं ने बांधा समां
मुंबई के प्रभादेवी स्थित पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी (P.L. Deshpande Maharashtra Kala Academy in Prabhadevi, Mumbai) के लघु सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष डॉ. शीतला प्रसाद दुबे ने की। फिल्म सिटी के पूर्व उपाध्यक्ष अमरजीत मिश्र मुख्य अतिथि (former Vice-Chairman of Film City, attended as the chief guest) के रूप में उपस्थित रहे।
नागपुर की सुप्रसिद्ध कवयित्री श्रद्धा शौर्य (Shraddha Shaurya from Nagpur) ने अपनी ओजस्वी शैली में नारी शक्ति और राष्ट्रीय चेतना पर आधारित वीर रस की रचनाएं प्रस्तुत कीं। उनकी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा और तालियों से उत्साहवर्धन किया।
हास्य कविताओं ने गुदगुदाया
मुंबई के चर्चित हास्य कवि सुरेश मिश्र ने (Mumbai-based humorist poet Suresh Mishra) अपने चटपटे और रोचक अंदाज में हास्य कविताएं प्रस्तुत कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। वहीं, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ पर उनकी विशेष काव्यात्मक प्रस्तुति ने सभागार में देशभक्ति का वातावरण और गहरा कर दिया।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार डॉ. अजीत राय (Dr. Ajit Rai) ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगीत और महाराष्ट्र राज्य गीत की प्रस्तुति से हुआ, जबकि समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
रचनाकारों का किया सम्मान
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. शीतला प्रसाद दुबे ने मुख्य अतिथि अमरजीत मिश्र (Dr. Sheetala Prasad Dubey welcomed the chief guest, Amarjit Mishra) तथा दोनों रचनाकारों का शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह और पुस्तक भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य गजानन महतपुरकर, सुश्री कमला बडोनी सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकार और काव्यप्रेमी उपस्थित रहे।
