
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट (Delhi’s Patiala House Court) ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला कर घायल करने के आरोपित स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को अंतरिम जमानत दे दी है। एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह (Additional Sessions Judge Saurabh Pratap Singh) ने स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत का आदेश दिया है।
कोर्ट ने 14 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से पेश वकील उमेश शर्मा (lawyer Umesh Sharma) ने कहा था कि उसे राजनीतिक वजहों से फंसाया गया है। शर्मा ने कहा था कि स्वतंत्र भारद्वाज को एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया लेकिन बाद में उसके खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
कोर्ट ने 7 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। कोर्ट ने भारद्वाज को 6 सितंबर को 7 सितंबर तक की न्यायिक हिरासत में भेजा था। उसके पहले वो एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से 4 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी तब हुई थी जब उसने एक पॉडकास्ट में इस बात को स्वीकार किया था कि उसने एक प्रदर्शनकारी छात्रा के पिता के सिर पर हमला किया। इस पॉडकास्ट के बाद काकरोच जनता पार्टी (Kakroach Janata Party’) और कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद ही पॉडकास्ट में आरोप कबूल किए हैं तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो कानून और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं under sections of the (POCSO Act and the SC/ST Act) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
