
कहा- ‘डिजिटल इंडिया’ के नाम पर UPI की आदत डाली
अब शुल्क बढ़ाने की तैयारी सरकार का यू-टर्न
जलगांव : (Jalgaon) NPCI की ओर से UPI शुल्क को लेकर जारी नई व्यवस्था पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Sharadchandra Pawar) की महिला प्रदेशाध्यक्ष रोहिणी खडसे ने सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’ के तहत लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया और अब इसी व्यवस्था पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने की बात सामने आ रही है।
नई व्यवस्था के अनुसार, दो व्यक्तियों के बीच होने वाले UPI (P2P) लेनदेन शुल्क-मुक्त रहेंगे। वहीं, 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR (Merchant Discount Rate) लागू होने की बात कही गई है। इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये निर्धारित की गई है।
रोजमर्रा के लेनदेन का दिया उदाहरण
रोहिणी खडसे (Rohini Khadse) ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसान खाद, बीज, दवाइयां और खेती से जुड़ी सामग्री खरीदता है। सामान्य परिवार महीने का किराना सामान खरीदता है, जबकि छोटा दुकानदार अपना कारोबार चलाता है। ऐसे में UPI अब कई जगहों पर नकद भुगतान का विकल्प बन चुका है।
उन्होंने कहा कि यदि डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त खर्च बढ़ता है तो इसका असर व्यापारियों और आम लोगों पर पड़ सकता है। खडसे ने इसे सरकार के रुख में बदलाव बताते हुए सवाल उठाया कि जब लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित किया गया था, तो अब इसके लिए अतिरिक्त शुल्क क्यों लगाया जा रहा है।
शायरी के जरिए साधा निशाना
रोहिणी खडसे ने अपनी प्रतिक्रिया में शायरी का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “एक तरफ ‘डिजिटल इंडिया’ का ढोल बजाना और दूसरी तरफ डिजिटल लेनदेन का खर्च बढ़ाना।”उन्होंने आगे कहा, “अब लोग इन्हें जरूर कहेंगे… सोचते थे कि वो कितने मासूम हैं, क्या से क्या हो गए देखते-देखते!”
