
मनोज जरांगे से अपील: मराठा समाज की मांगों पर सरकार बातचीत के लिए तैयार
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार (Maharashtra Cultural Affairs Minister, Advocate Ashish Shelar) ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे (Manoj Jarange) से अपील की है कि गणेशोत्सव और गौरी उत्सव के दौरान मुंबई की ओर मार्च करने से बचें और मराठा समाज की शेष मांगों का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान मुंबई, पुणे सहित राज्यभर से बड़ी संख्या में नागरिक और गणेशभक्त उत्सव में शामिल होते हैं, इसलिए किसी भी तरह की असुविधा से बचने का प्रयास होना चाहिए।
जरांगे 15 सितंबर से जालना के अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर मार्च शुरू कर चुके हैं और 19-20 सितंबर के आसपास मुंबई पहुंचने की योजना है। इस बीच सरकार की ओर से गणेशोत्सव के दौरान आंदोलन पर पुनर्विचार की अपील की गई है।
सरकार के अनुसार अधिकांश मांगों पर कार्रवाई
शेलार ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार (Chief Minister Devendra Fadnavis, Deputy Chief Minister Eknath Shinde, and Sunetra Pawar) के नेतृत्व वाली सरकार ने मराठा समाज से संबंधित कई मांगों पर निर्णय लिए हैं और शेष मुद्दों पर भी चर्चा के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल समूह के माध्यम से संबंधित विषयों पर काम चल रहा है।
हालांकि, मांगों की संख्या को लेकर सरकार और शेलार के बयान तथा हालिया सार्वजनिक बयानों में अंतर दिखाई देता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने 15 सितंबर को कहा था कि जरांगे की 13 मांगों में से 12 पर सरकार ने कार्रवाई की है और एक मांग न्यायालय में विचाराधीन है।
आरक्षण और प्रमाणपत्र से जुड़े कदमों का उल्लेख
शेलार ने कहा कि मराठा समाज के लिए विशेष कानून, एसईबीसी से संबंधित निर्णय, ईडब्ल्यूएस के तहत अवसर, पंजीकरण एवं प्रमाणपत्र प्रक्रिया, शिक्षा और रोजगार में आरक्षण, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा नियुक्ति से संबंधित मामलों में सरकार ने विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाने और आयोग की स्थापना सहित अन्य फैसलों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि मराठा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और निर्वाह भत्ते सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी शासन निर्णय लिए गए हैं। मंत्रिमंडल समूह के माध्यम से राधाकृष्ण विखे पाटील (Radhakrishna Vikhe Patil) के नेतृत्व में शेष मुद्दों पर काम जारी है।
आंदोलन की भाषा पर भी प्रतिक्रिया
शेलार ने कहा कि अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत अपमान से बचना चाहिए।
शेलार ने जरांगे की सेहत को लेकर भी चिंता जताई और उनसे सकारात्मक तरीके से बातचीत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने बातचीत के रास्ते बंद नहीं किए हैं और मराठा समाज (Maratha community) की शेष समस्याओं पर चर्चा के जरिए समाधान तलाशने के लिए तैयार है।
इस बीच, जरांगे के मुंबई मार्च और प्रस्तावित आंदोलन को लेकर गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था और नागरिकों को होने वाली संभावित असुविधा को लेकर प्रशासन की चिंता सामने आई है।
