
सपा विधायक रईस शेख ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को पत्र लिखकर की मांग
मुंबई : (Mumbai) अल्पसंख्यक युवक-युवतियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ‘अल्पसंख्यक उद्यमिता एवं व्यवसाय इनक्यूबेशन केंद्र’ स्थापित किए जाएं। राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी को ध्यान में रखते हुए छहों राजस्व संभागों में ऐसे केंद्र शुरू किए जाएं। यह मांग समाजवादी पार्टी के भिवंडी पूर्व विधायक रईस शेख (former Samajwadi Party MLA Raees Shaikh of Bhiwandi) ने की है। उन्होंने इस संबंध में उपमुख्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री सुनेत्रा पवार (Deputy Chief Minister and Minority Development Minister Sunetra Pawar) को पत्र लिखा है।
शिक्षा से बाहर हुए युवाओं को अवसर की जरूरत
विधायक रईस शेख (MLA Raees Shaikh) ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यक आबादी करीब 20 प्रतिशत है, जिसमें मुस्लिम समुदाय की आबादी 11.54 प्रतिशत है। उन्होंने दावा किया कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण मुस्लिम समाज के विद्यार्थियों में दसवीं और बारहवीं कक्षा के स्तर पर करीब 30 प्रतिशत तक पढ़ाई छोड़ने की स्थिति सामने आती है। उनके अनुसार, करीब 10 प्रतिशत मुस्लिम युवक-युवतियां ही उच्च शिक्षा तक पहुंच पाते हैं। ऐसे युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से जोड़ने का सुझाव
रईस शेख ने कहा कि अन्य समुदायों के युवाओं के लिए बार्टी, महाज्योति और सारथी जैसी संस्थाएं कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार-व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यक समुदाय के लिए स्थापित मार्टी संस्था पर्याप्त निधि के अभाव में अभी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के स्तर पर प्रभावी रूप से सक्रिय नहीं हो पाई है।
मौलाना आजाद महामंडल की भागीदारी का प्रस्ताव
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रस्तावित उद्यमिता केंद्रों के साथ मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल (Maulana Azad Minority Economic Development Corporation) को भी जोड़ा जा सकता है। महामंडल के माध्यम से ऋण योजनाओं से जोड़ने, वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और उसके मूल्यांकन जैसी जिम्मेदारियां संभाली जा सकती हैं।
रईस शेख ने अपने पत्र में कहा कि यदि राज्य के छह राजस्व संभागों में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाते हैं, तो प्रत्येक संभाग में हर वर्ष 1,000 से अधिक युवक-युवतियों को सूक्ष्म और लघु व्यवसाय शुरू करने में सहायता मिल सकती है।
