
मुंबई : (Mumbai) म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल (Sanjeev Jaiswal, Vice Chairman and CEO of MHADA) ने कहा है कि आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय से महाराष्ट्र के हाउसिंग सेक्टर को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि भविष्य का इंजीनियर केवल नवीनतम तकनीक का जानकार ही नहीं, बल्कि ऐसा संवेदनशील पेशेवर होना चाहिए जो तकनीक का उपयोग लोगों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर बनाने के लिए करे। वह भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती (birth anniversary of Bharat Ratna Sir Mokshagundam Visvesvaraya) के अवसर पर बांद्रा स्थित सभागार में आयोजित इंजीनियर्स डे-2026 (‘Engineers’ Day 2026′) कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
म्हाडा देश की अग्रणी आवासीय संस्था
कार्यक्रम में मुख्य अभियंता महेश जेसवानी, मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद शंभरकर, मुख्य अभियंता अनिल अंकलगी, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल वानखेड़े, कोंकण मंडल के मुख्य अधिकारी डॉ. विशाल राठौड़ तथा मुख्य अभियंता-1 धीरज कुमार पंडिरकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर पदोन्नत अभियंताओं का सम्मान भी किया गया। जायसवाल ने कहा कि म्हाडा केवल मकान बनाने वाली संस्था नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के आवासीय सपनों को साकार करने वाली देश की अग्रणी हाउसिंग संस्था है, जो महाराष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रही है।
आधुनिक तकनीक के साथ गुणवत्ता और मानवीय मूल्यों पर बल
संजीव जायसवाल (Sanjeev Jaiswal) ने कहा कि आने वाले सात से आठ वर्ष म्हाडा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। ऐसे में इंजीनियरों को बदलते समय के अनुरूप कार्यप्रणाली में आवश्यक बदलाव अपनाने होंगे। उन्होंने इंजीनियरिंग समुदाय से आधुनिक तकनीक, नवाचार, गुणवत्ता और मानवीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने की अपील करते हुए कहा कि यही दृष्टिकोण भविष्य के आवासीय विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
