
नई दिल्ली : (New Delhi) एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में अंदर और बाहर तथा रेलवे स्टेशन और रेलवे की जमीन पर डिजिटल और स्टैटिक होर्डिंग के जरिये विज्ञापन की जगह उपलब्ध कराने वाली आउटडोर एडवर्टाइजिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी सेंचुरी बिजनेस मीडिया लिमिटेड (Century Business Media Limited) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट (stock market) में सपाट स्तर एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 74 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई और एनएसई (BSE and NSE) पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार चढ़ाव के 74 रुपये के स्तर पर ही हुई।
फ्लैट लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की स्थिति में सुधार होने लगा। लगातार हो रही खरीदीरी के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 77 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसकी चाल में गिरावट आ गई। दिन भर के कारोबार के बाद ये शेयर 72.21 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 1.79 रुपये यानी 2.42 प्रतिशत का नुकसान हो गया।
इस कंपनी का 17.11 करोड़ रुपये का आईपीओ 11 से 16 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन (IPO was open for subscription from September 11 to September 16) के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 57.93 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 47.53 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Non-Institutional Investors) (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 113.88 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 39.81 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 23.12 लाख नए शेयर बेचे गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मीडिया एसेट्स की खरीदारी करने, पटना एयरपोर्ट पर ऐड राइट्स के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
सेंचुरी बिजनेस मीडिया लिमिटेड (Century Business Media Limited) की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.68 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 5.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति (increase in revenue) में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 32.27 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 36.91 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 46.76 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 8.10 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 5.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 7.96 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 7.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 12.47 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 18.02 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.95 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस गिरावट के साथ 6.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 11.57 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (EBITDA) (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 5.58 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 7.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 8.58/ करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
