
मुंबई : (Mumbai) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने बुधवार को लातुर जिले में कहा कि राज्य सरकार सूखे की स्थिति को लेकर बहुत गंभीर है। सरकार जल्द ही सूखे पर पहला शासनादेश जारी करेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज लातुर जिले में सूखाग्रस्त औसा और निलंगा इलाकों (Ausa and Nilanga in Latur district) का दौरा कर रहे थे। दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि मराठवाड़ा में 1972 जैसा सूखा पड़ा है। बहुत नुकसान हुआ है। अगले दो दिनों में सूखे के लिए एक शासनादेश जारी करेंगे। हम सूखे के लिए पूरी मदद देंगे।
मुख्यमंत्री ने किसानों से धीरज बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हम जानते हैं कि अगर आपको जल्द मदद नहीं मिली तो समस्या बढ़ जाएगी। हम कानून के अनुसार पंचनामा कर रहे हैं। हम रुक नहीं रहे हैं। आपका नुकसान तुरंत हुआ है इसलिए, हम तुरंत आपकी मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्ज माफ़ी का काम अभी भी चल रहा है। जब तक कर्ज माफ़ी का काम पूरा नहीं हो जाता, हम नहीं रुकेंगे। हम कर्ज माफ़ी का पैसा देंगे। हम जल्द से जल्द सूखे का पैसा अकाउंट में जमा करेंगे। 1972 के बाद पहली बार इतना बड़ा सूखा देखा जा रहा है। पहले 64 परसेंट बारिश हुई थी। अब 50 परसेंट बारिश हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठवाड़ा में हालात बहुत गंभीर हैं लेकिन लातूर पर सबसे ज़्यादा असर पड़ा है। हम इससे निकलने का रास्ता निकाल लेंगे। चारा और पानी का प्लान बना लिया गया है। कोल्हापुर और सांगली से पानी लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सूखे के संबंध में लागू किए जाने वाले जरूरी प्रोजेक्ट्स के बारे में सरकारी स्तर पर उचित कार्यवाही की जा रही है। सरकार को सूखे के बारे में रिपोर्ट भी मिली हैं। मौजूदा स्थिति बहुत गंभीर है। सरकार किसानों को जरूरी मदद दे रही है। इसके साथ ही पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना (‘Punyashlok Ahilyadevi Holkar Shetkari Karjmukti Yojana’) का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी कहा कि इसके लिए जरूरी फंड उपलब्ध कराए जाएंगे।
