
मुंबई : (Mumbai) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे (Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) party chief Uddhav Thackeray) ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar) को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
उद्धव ठाकरे ने आज पत्रकारों को बताया कि “पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग के ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग हो रही है। ज्ञानेश कुमार का असली चेहरा देश के सामने आ गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अतीत में उनकी पार्टी के खिलाफ फैसले लिए हैं। शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न उनके विरोधी गुट को दे दिया।
ठाकरे ने मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में करीब 40 लाख नाम जोड़े गए और चुनाव के बाद उन्हें हटा दिया गया। उन्होंने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक (Maharashtra, West Bengal, and Karnataka) में चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की। ठाकरे ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों के विश्वास को बनाए रखने के लिए बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा, “बैलेट पेपर से चुनाव होने चाहिए और आज लोकतंत्र को बचाने के लिए लोगों का वोट सामने आना चाहिए।”
उद्धव ठाकरे ने विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को जनता की आवाज सुननी चाहिए।
