मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

खोजें (Search News)

ताजा खबर
13:19चेतना सिंह ने लॉन्च किया नया डिजिटल मनोरंजन मंच•06:55मध्य रेल ने माल ढुलाई से 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया•07:28Nanded : किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा: सुनेत्रा पवार•12:03New Delhi : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा- बैंक कर्मचारियों को विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराएं•07:17Islamabad : पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी•11:51Mumbai : एनएसई के शेयर की लिस्टिंग एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: आशीष चौहान•10:33New Delhi : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल•10:20Mumbai : साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच हो : उदय भानू चिंब•13:19चेतना सिंह ने लॉन्च किया नया डिजिटल मनोरंजन मंच•06:55मध्य रेल ने माल ढुलाई से 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया•07:28Nanded : किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा: सुनेत्रा पवार•12:03New Delhi : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा- बैंक कर्मचारियों को विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराएं•07:17Islamabad : पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी•11:51Mumbai : एनएसई के शेयर की लिस्टिंग एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: आशीष चौहान•10:33New Delhi : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल•10:20Mumbai : साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच हो : उदय भानू चिंब•

Noida : प्राक्सी सर्वर लगाकर नकल करावाने वाले गिरोह के दो सरगना गिरफ्तार

Noida: Two gang leaders arrested for cheating using proxy servers

नोएडा : (Noida) उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट की टीम (Noida unit of the Uttar Pradesh) ने एसएससी परीक्षाओं में प्राक्सी सर्वर (Special Task Force) (STF) लगाकर नकल करावाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। नालेज पार्क कोतवाली क्षेत्र स्थित बालाजी डिजिटल जोन कंप्यूटर लैब में छापेमारी के बाद सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाली कंपनी एएसएसईएसएस इंफ्रा के दो डायरेक्टरों को बीती रात को गिरफ्तार किया गया है।

एसटीएफ नोएडा यूनिट एसपी राजकुमार मिश्रा (STF Noida Unit SP Rajkumar Mishra) ने बताया कि जांच में पता चला कि परीक्षा केंद्रों को चिन्हित करना, उनका सिक्योरिटी आडिट करना और केंद्र संचालक व स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना एएसएसईएसएस इंफ्रा की जिम्मेदारी थी। इसके एवज में संबंधित कंपनी द्वारा उसे तय दरों पर भुगतान किया जाता था।जांच में सामने आया है कि बालाजी डिजिटल जोन को एएसएसईएसएस इंफ्रा द्वारा ही एसएससी परीक्षा के लिए केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया था।

इस केंद्र पर वर्ष 2025 से अब तक एसएससी की 16 परीक्षाएं आयोजित हो चुकी हैं, लेकिन इन परीक्षाओं को कराने के लिए एएसएसईएसएस इंफ्रा ने बालाजी डिजिटल जोन को निर्धारित शुल्क का भुगतान ही नहीं किया।बल्कि निर्धारित शुल्क न देकर एएसएसईएसएस इंफ्रा (ASSESS Infra) द्वारा परीक्षा केंद्र संचालक को सुरक्षा नियमों में अनदेखी करने की छूट दी जाती थी। इसके बदले केंद्र संचालक प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नकल कराने की व्यवस्था कराता था।

यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली के दर्जनों संदिग्ध परीक्षा केंद्रों तक फैला हुआ है। अप्रैल-2026 में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन में भी इसी तरह प्राक्सी सर्वर लगाकर नकल कराते पकड़ा गया था। उन्होंने बताया कि थाना कोतवाली देहरादून में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें मुख्य आरोपित के रूप में प्रदीप चौहान का नाम आया था। जानकारी होने के बावजूद ग्रेटर नोएडा स्थित प्रदीप चौहान की दूसरी लैब बालाजी डिजिटल जोन को फिर से परीक्षा केंद्र बना दिया। परीक्षा केंद्र के चयन की प्रमुख कार्यकारी संस्था है। इसी आधार पर एएसएसईएसएस इंफ्रा पर साक्ष्य के साथ कंपनी के डायरेक्टर गगनदीप शर्मा और यादवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ नालेज पार्क कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।