
नई दिल्ली : (New Delhi) वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव (Despite global economic challenges and ongoing tensions in West Asia) के बावजूद भारत के व्यापार क्षेत्र से उत्साहजनक खबर आई है। देश का माल निर्यात मई में 18 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 45.2 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने सोमवार को बताया कि देश से सामान का निर्यात मई में सालाना आधार पर 18 फीसदी बढ़कर 45.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। वहीं, आयात भी मई में 20.62 फीसदी बढ़कर 73.41 अरब डॉलर हो गया, जिससे व्यापार घाटा 28.21 अरब डॉलर रहा।
मंत्रालय ने कहा कि मई में भारत का सामान का निर्यात अब तक का सबसे ज्यादा मासिक (India’s merchandise exports in May) निर्यात रहा। आंकड़ों के मुताबिक देश का निर्यात अप्रैल–मई के दौरान सालाना आधार पर 16.09 प्रतिशत बढ़कर 88.91 अरब डॉलर रहा है। वहीं, सोने का आयात अप्रैल–मई के दौरान 60 प्रतिशत बढ़कर 9.04 अरब डॉलर हो गया।
आंकड़ों के मुताबिक निर्यात में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह पेट्रोलियम क्षेत्र रहा है। मई में पेट्रोलियम उत्पाद के निर्यात में सालाना आधार पर 54.89 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। साथ ही जेम्स और ज्वेलरी (gems and jewellery) के निर्यात में भी 6.66 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल (Commerce Secretary Rajesh Agrawal) ने मई निर्यात के आंकड़ों पर खुशी जताई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह साल निर्यात के लिए बहुत अच्छा रहेगा। अग्रवाल ने कहा कि भारत का मई में पश्चिम एशिया को होने वाला निर्यात मामूली घटकर 5.30 अरब डॉलर रहा है, जो मई, 2025 में 5.38 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था।
आंकड़ों के मुताबिक मई के लिए भारत का कुल निर्यात (सामान और सेवाओं को मिलाकर) 81.96 अरब यूएस डॉलर रहने का अनुमान है, जो मई 2025 की तुलना में 15.83 फीसदी की सकारात्मक वृद्धि को दर्शाता है। वहीं, मई 2026 के लिए देश कुल आयात (सामान और सेवाओं को मिलाकर) 92.47 अरब यूएस डॉलर रहने का अनुमान है, जो मई 2025 की तुलना में 19.23 फीसदी की सकारात्मक वृद्धि को दर्शाता है।
