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New Delhi : भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ‘बहुत करीब’, लेकिन टैरिफ में बढ़त मिले बिना इस पर साइन नहीं करेगा भारत: गोयल

नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal) ने गुरुवार को लंदन में में कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील तब तक लागू नहीं होगी, जब तक भारत को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले टैरिफ लाभ नहीं मिलता। हालांकि, गाोयल ने यह कहा कि भारत और अमेरिका ट्रेड डील ‘बहुत करीब’ है, लेकिन भारत अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले टैरिफ में बढ़त मिले बिना इस पर साइन नहीं करेगा।

गोयल ने लंदन में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम (India Global Forum) (आईजीएफ) यूके-इंडिया वीक (UK-India Week in London) को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर आगे बढ़ने से पहले भारत इस पर स्पष्टता चाहता है कि मैन्युफैक्चरिंग के मामले में वह प्रतिस्पर्धा करने वाली दूसरी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले अपनी बढ़त को कैसे बनाए रखेगा।

उन्होंने कहा, ”हमें यह पक्का करना है कि हमें उन देशों के मुकाबले कॉम्पिटिटिव फायदा मिले जो विकास के उसी चरण में हैं या जिनकी कॉस्ट स्ट्रक्चर भारत जैसी ही है। चाहे वह वियतनाम, थाईलैंड, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मलेशिया, चीन हो, या बांग्लादेश, श्रीलंका और हमारे सभी पड़ोसी देश हों।”

इस बीच भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के प्रेसिडेंट और सीईओ मुकेश आघी (Mukesh Aghi) कहते हैं, “ये मामला तकनीकी नहीं है। मुझे लगता है कि भारत का रुख यह रहा है कि ‘हमें प्रेफरेंशियल टैरिफ (वरीयता वाला टैरिफ) चाहिए’, यानी हमें अपने पड़ोसियों के मुकाबले कम टैरिफ दिया जाए क्योंकि इससे हम ज्यादा कॉम्पिटिटिव (प्रतिस्पर्धी) बन जाते हैं।

उन्होंने कहा कि बात 10 फीसदी या 20 फीसदी की नहीं है, बल्कि असल बात पड़ोसियों से कम टैरिफ पाने की भी है। यह एक राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है, क्योंकि अभी भारत पर टैरिफ 12.5 फीसदी है और पाकिस्तान पर 10 फीसदी। भारत का कोई भी राजनीतिक दल या नेता इसे स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि इससे मूल रूप से उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ सकता है।

यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के प्रेसिडेंट और सीईओ मुकेश आघी ने आगे कहा कि इसलिए, इस मसले को सुलझाना होगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यहीं पर ट्रंप प्रशासन विचार-विमर्श करेगा और देखेगा कि कैसे कोई ऐसा समाधान निकाला जाए जो भारत और अमेरिका, दोनों के लिए फायदेमंद हो।”

भारत और अमेरिका के बीच इसी हफ्ते नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में हुई दो दिवसीय मंत्री स्तरीय बैठक में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के मुख्य मुद्दों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इस बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उदयोग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जेमिसन ग्रीर (Ambassador Jamieson Greer) के प्रतिनिधिमंडल इसमें शामिल हुए।

उल्लेखनीय है कि इस बैठक में दोनों पक्षों ने 24 फरवरी को अमेरिका द्वारा अपने सभी व्यापारिक साझेदारों पर लगाए गए 10 फीसदी के अस्थायी टैरिफ की समय-सीमा खत्म होने से पहले बातचीत को अंतिम रूप देने पर व्यापक विचार-विमर्श किया। ये टैरिफ 24 जुलाई को खत्म हो जाएंगे। इस समझौते के लिए रूपरेखा इस साल फरवरी में घोषित की गई थी।