
देहरादून : (Dehradun) उत्तराखंड में बुधवार से उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (Uttarakhand Minority Education Authority) (USAME) लागू हो गया। इसके साथ ही उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम और गैर-सरकारी अरबी-फारसी मदरसा (non-governmental Arabic-Persian Madrasa) मान्यता नियम समाप्त हो गए। नई व्यवस्था के तहत राज्य के 452 पंजीकृत मदरसों समेत सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को निर्धारित नियमावली के अनुरूप मान्यता लेनी होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने बुधवार को जारी एक पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के मार्गदर्शन में राज्य सरकार आधुनिक, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए समान एवं पारदर्शी मान्यता प्रणाली सुनिश्चित करेगी तथा शिक्षा की गुणवत्ता और जवाबदेही को मजबूत बनाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के बच्चों को आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और भारतीय जीवन मूल्यों से सशक्त बनाना है, ताकि वे विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
नई व्यवस्था के तहत राज्य के 452 पंजीकृत मदरसों को पहले उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करनी होगी, जिसके बाद अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता दी जाएगी। प्रत्येक मान्यता तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए वैध होगी। प्राधिकरण को संस्थानों का निरीक्षण करने तथा नियमों के उल्लंघन पर सुनवाई के बाद मान्यता निरस्त करने का अधिकार भी होगा।
राज्य सरकार के अनुसार नई व्यवस्था मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों के अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर समान रूप से लागू होगी। संस्थानों को निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और शुल्क जमा करना होगा।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते (Dr. Parag Madhukar Dhakate, Special Secretary of the Minority Welfare Department) ने कहा कि एक जुलाई से प्राधिकरण नई व्यवस्था के तहत मान्यता संबंधी कार्य शुरू कर चुका है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड इस प्रकार की व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत बुधवार दोपहर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान मान्यता प्रमाण पत्र वितरण किया जाएगा। जिनमें नौ अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रदान की जाएगी, जिनमें एक जैन, एक सिख और सात मदरसे शामिल हैं।
