
बलिदान दिवस पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, शौर्य और राष्ट्रभक्ति को किया याद
नई दिल्ली : (New Delhi) कारगिल युद्ध के महानायक और परमवीर चक्र (Param Vir Chakra) से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा (Captain Vikram Batra) के बलिदान दिवस पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित अनेक नेताओं ने उनके अदम्य साहस, नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान दुर्गम पर्वतीय चोटियों पर कैप्टन विक्रम बत्रा ने असाधारण वीरता और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। उनका शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा सदैव देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देती रहेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चोटियों पर विजय हासिल कर दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर करने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा का साहस और पराक्रम उन्हें हमेशा के लिए ‘शेरशाह’ के रूप में अमर बनाता है। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान हर भारतीय को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी कैप्टन बत्रा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति का आदर्श है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Aadmi Party National Convenor Arvind Kejriwal) ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि देश उनके शौर्य और बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।
हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में जन्मे कैप्टन विक्रम बत्रा भारतीय सेना की 13 जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स के अधिकारी थे। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में उन्होंने कई अहम सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया। प्वाइंट 5140 पर विजय के बाद उनका प्रसिद्ध उद्घोष ‘ये दिल मांगे मोर’ पूरे देश में साहस और विजय का प्रतीक बन गया।
इसके बाद प्वाइंट 4875 पर कब्जे के अभियान में भी उन्होंने अद्वितीय वीरता दिखाई और 7 जुलाई 1999 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनके असाधारण शौर्य और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता सम्मान परमवीर चक्र (Param Vir Chakra) से सम्मानित किया गया। आज भी कैप्टन विक्रम बत्रा भारतीय सेना के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक बने हुए हैं।
