
नई दिल्ली : (New Delhi) भारत की आसियान देशों के साथ आर्थिक साझेदारी मजबूत हुई है। भारत और आसियान देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 128 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक आसियान देशों के साथ रिश्तों को और मजबूत करने के लिए भारत 6 से 10 जुलाई तक 13वीं आसियान-भारत व्यापार समझौता (ASEAN-India Trade Agreement) (AITIGA) की संयुक्त समिति (Joint Committee) (JC) और उससे जुड़ी बैठकों की मेजबानी कर रहा है, ताकि एआईटीआईजीए की समीक्षा के तहत बातचीत की प्रगति का जायजा लिया जा सके। आसियान भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है, जो भारत के वैश्विक व्यापार का लगभग 11 फीसदी हिस्सा है।
मंत्रालय के मुताबिक नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में ये बैठकें भारत और आसियान के बीच सहयोग को गहरा करने, आपसी समझ को मजबूत करने और रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही हैं। संयुक्त समिति की बैठक में उप-समितियों को उनके काम के क्षेत्रों में रणनीतिक मार्गदर्शन दिया गया और उनसे एआईटीआईजीए समीक्षा के तहत बाकी बचे अध्यायों को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया गया। बातचीत की गति बनाए रखने के लिए उप-समितियों को तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई और उन्हें सहमत समय-सीमा के अंदर ठोस नतीजे हासिल करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
मंत्रालय ने कहा कि एआईटीआईजीए जॉइंट कमिटी के तहत आठ सब-कमिटी में से तीन की बैठकें अभी 13वीं संयुक्त समिति की बैठक के साथ-साथ हो रही हैं। इनमें कस्टम्स प्रक्रियाओं और व्यापार को आसान बनाने पर बनी सब-कमिटी (Sub-Committee on Customs Procedures and Trade Facilitation) (SC-CPTF), नेशनल ट्रीटमेंट और मार्केट एक्सेस पर बनी सब-कमिटी (National Treatment and Market Access) (SC-NTMA), और रूल्स ऑफ ओरिजिन पर बनी सब-कमिटी (Sub-Committee on Rules of Origin) (SC-ROO) शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि 7 जुलाई को 13वीं एआईटीआईजीए संयुक्त समिति (AITIGA Joint Committee) की बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव और मलेशिया के निवेश, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की उप महासचिव (व्यापार) मस्तुरा अहमद मुस्तफा ने की। इस बैठक में आसियान के सभी सदस्य देशों-ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।
