
नई दिल्ली : (New Delhi) जंतर-मंतर पर करीब बीस दिनों तक अनशन पर बैठने वाले सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने (Gitanjali Angmo, wife of Sonam Wangchuk) दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने एक याचिका दायर करके सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) से वांगचुक को तुरंत रिहा करने या किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है। गीतांजलि ने आरोप लगाया है कि वांगचुक को उनके परिवार, वकीलों और उनके निजी डॉक्टरों से अलग रखकर अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। याचिका पर आज यानि 19 जुलाई को ही तुरंत सुनवाई करने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि सोनम वांगचुक को 18 जुलाई की सुबह जंतर-मंतर से दिल्ली पुलिस ने जबरन उठा लिया और बिना उनकी सहमति के उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। याचिका में कहा गया है कि सोनम वांगचुक को बिना कोई आपराधिक केस दर्ज किए या किसी कोर्ट से गिरफ्तारी या निरोधात्मक कार्रवाई करने के आदेश के अस्पताल में लगातार रखना गैरकानूनी है। उन्हें चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आड़ में हिरासत में रखा गया है। ऐसा केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन से हटाने के लिए किया गया है।
याचिका में कहा गया है कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी रखने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश की आड़ में दिल्ली पुलिस ने ऐसा किया है, जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए रखने का आदेश दिया था। अंजलि की याचिका में कहा गया है कि उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका में सोनम वांगचुक को पक्षकार नहीं बनाया गया है। ऐसे में उनकी सहमति के बिना उन्हें लगातार अस्पताल में हिरासत में कैसे रखा जा सकता है।
सोनम वांगचुक 28 जून से लगातार अनशन पर थे। ये अनशन नीट पेपर समेत दूसरी परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाओं के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग के लिए किया जा रहा है। सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को जंतर-मंतर से हटाने के बाद भी वहां धरना जारी है। अब वहां छात्र संगठनों के नेताओं ने अनशन शुरु कर दिया है, जिनमें जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष (JNU Students’ Union President Aishe Ghosh) शामिल हैं।
