
नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय ने दुष्कर्म मामले में ट्रायल कोर्ट से मिली सजा को बरकरार रखने के राजस्थान उच्च न्यायालय (Rajasthan High Court) के फैसले को चुनौती देने वाली आसाराम बापू (Asaram Bapu) की याचिका पर सुनवाई करते हुए एम्स अस्पताल से मेडिकल बोर्ड गठित कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को करने का आदेश दिया।
इसके पहले सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटिर जनरल ने कहा कि आसाराम बापू बिल्कुल फिट हैं और वे तीन महीने पहले अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे। मेहता ने कहा कि वह हर जगह पैदल गए थे और यात्रा की थी।
कोर्ट ने 30 जून को आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया था। उच्चतम न्यायालय ने आसाराम बापू को मिली सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया था। उच्चतम न्यायालय ने आसाराम बापू को जेल में मिल रही चिकित्सा सुविधा जारी रखने का आदेश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि वो जमानत देने पर तभी विचार करेंगे जब स्वास्थ्य को लेकर गंभीर खतरा हो।
पिछले करीब 11 साल से आसाराम राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं और करीब एक दर्जन से अधिक बार उनकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। यौन उत्पीड़न के आरोप में आसाराम को 2013 में गिरफ्तार किया गया था। 20 अगस्त, 2013 को उनके खिलाफ जोधपुर आश्रम (Jodhpur Ashram) में यौन शोषण का मामला दर्ज कराया गया था। इसके अलावा सूरत की दो बहनों ने भी 2001 में आश्रम में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
