
उल्हासनगर : (Ulhasnagar) सोशल मीडिया (social media) के जरिए फर्जी पहचान बनाकर एक महिला चिकित्सक से 1 लाख 84 हजार रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को लंदन का कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर (cardiologist based in London) बताकर विश्वास हासिल किया और बाद में विभिन्न बहानों से रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। मामले में उल्हासनगर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता सोनाली संजय गलाटे, जो उल्हासनगर-2 स्थित इंदिरा नगर (Sonali Sanjay Galate—a resident of the Indira Nagar area in Ulhasnagar-2) क्षेत्र में रहती हैं, को 5 जून 2026 को सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट पर ‘डॉ. मंचर’ नामक अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। आरोपी ने खुद को लंदन में कार्यरत कार्डियोलॉजिस्ट बताकर उनसे बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लिया।
कस्टम विभाग में फंसने का झांसा
शिकायत के मुताबिक आरोपी ने दावा किया कि वह 14 जून को लंदन से दिल्ली आ रहा है और उसके पास 25,000 पाउंड की राशि है। अगले दिन शिकायतकर्ता को ‘दिव्या परमल’ (‘Divya Parmal’) नाम की महिला का फोन आया, जिसने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि डॉ. मंचर को विदेशी मुद्रा के कारण कस्टम विभाग ने रोक लिया है।महिला ने कथित रूप से बताया कि मुद्रा छुड़ाने और अन्य औपचारिकताओं के लिए तत्काल धनराशि की आवश्यकता है। आरोपियों की बातों पर विश्वास कर शिकायतकर्ता ने उनके द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कई किश्तों में कुल 1.84 लाख रुपये जमा करा दिए।
ठगी का एहसास होने पर पुलिस में शिकायत
कुछ समय बाद जब शिकायतकर्ता को पूरी घटना संदिग्ध लगी और आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने उल्हासनगर पुलिस स्टेशन (Ulhasnagar police station) में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने डॉ. मंचर, दिव्या परमल और तीन अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक सुतार (अपराध शाखा) कर रहे हैं।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से आर्थिक लेन-देन करने से बचें और किसी भी प्रकार की धनराशि भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान की पूरी तरह पुष्टि कर लें।
