
नई दिल्ली : (New Delhi) देश में उच्च आय वर्ग (high-income segment in the country) तेजी से बढ़ रहा है। पिछले पांच वर्षों में ₹100 करोड़ से अधिक सालाना आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या करीब चार गुना बढ़कर 576 पहुंच गई है। सरकार ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Minister of State for Finance Pankaj Chaudhary) ने बताया कि निर्धारण वर्ष 2025-26 में 576 लोगों ने ₹100 करोड़ से अधिक की वार्षिक आय (annual income) घोषित की, जबकि निर्धारण वर्ष 2021-22 में यह संख्या केवल 142 थी। इस दौरान करीब 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
301 से 576 हुई टैक्सपेयर्स की संख्या
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, निर्धारण वर्ष 2022-23 में ऐसे करदाताओं की संख्या 301 थी। वर्ष 2023-24 में यह घटकर 284 रह गई, लेकिन 2024-25 में बढ़कर 415 और 2025-26 में 576 हो गई।
सरकार ने स्पष्ट किया कि आयकर कानून में ‘अरबपति’ की कोई वैधानिक परिभाषा (no statutory definition of a ‘billionaire’ under the Income Tax Act) नहीं है। इसलिए आंकड़े ₹100 करोड़ से अधिक वार्षिक आय वाले आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों के आधार पर जारी किए गए हैं।
आय असमानता घटने के संकेत
सरकार ने आय असमानता घटने के संकेत भी दिए। घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में गिनी गुणांक 0.266 से घटकर 0.237 और शहरी क्षेत्रों में 0.314 से घटकर 0.284 हुआ है।
वहीं, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) (Periodic Labour Force Survey) के अनुसार 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में बेरोजगारी दर 2023-24 में घटकर 3.1 प्रतिशत रह गई है। सरकार ने कहा कि रोजगार, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर खर्च बढ़ाकर समावेशी आर्थिक विकास को गति दी जा रही है।
