
तेहरान/वाशिंगटन : (Tehran/Washington) जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला करना ईरान को भारी पड़ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के आदेश पर अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने आज ईरान में हवाई हमला किया है। कई शहरों में भीषण बमबारी की गई है। सेंटकॉम ने पुष्टि की कि ईरान ने जॉर्डन में उसके सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। सभी मिसाइलों को बीच में ही रोककर हमले को नाकाम कर दिया गया।
सीबीएस न्यूज, एक्सिओस और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटकॉम ने कहा कि मिसाइलें ईरानी क्षेत्र (Iranian territory) से दागी गईं। इसे ईरान का पहला सीधा बैलिस्टिक मिसाइल हमला बताया गया है। यह हमला ऐसे समय पर किया गया, जब अमेरिका ने राजनयिक बातचीत के लिए ईरान के खिलाफ हमला रोक दिया था। जॉर्डन हमले (Jordan attack) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्हें कहा कि ईरान को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर किए गए हमले का माकूल जवाब दिया जाएगा।
इससे पहले अमेरिकी और सऊदी सेना (US and Saudi forces) ने मंगलवार देररात इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया गुटों को निशाना बनाते हुए संयुक्त हवाई हमले किए। इस हमले में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (पीएमएफ) के कम से कम 20 लड़ाके मारे गए। यह संयुक्त सैन्य कार्रवाई तब हुई जब सऊदी अरब ने कहा कि वायु रक्षा प्रणाली ने देश के पूर्वी प्रांत में मौजूद तेल ठिकानों की ओर भेजे गए कई ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। सऊदी अरब ने इन हमलों की कोशिश के लिए इराक में मौजूद ईरान-समर्थित सशस्त्र समूहों को जिम्मेदार ठहराया।
यह सैन्य हमले राष्ट्रपति ट्रंप की व्हाइट हाउस में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के साथ द्विपक्षीय बैठक के ठीक बाद शुरू हुए हैं। दोनों नेताओं के बीच चर्चा मुख्य रूप से ईरान से संबंधित क्षेत्रीय रणनीति पर केंद्रित रही। इस बीच एक ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म ने कहा कि मिस्र के एक बंदरगाह पर ड्रोन हमलों से प्राकृतिक गैस ले जा रहे दो जहाजों में आग लग गई। अमेरिका ने हमले शुरू करने के साथ ईरान के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। स्टेट डिपार्टमेंट ने आठ ऐसी संस्थाओं पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की, जिन पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की योजना में शामिल होने का आरोप है।
अमेरिकी हमलों के बाद केशम द्वीप, किश, बंदर अब्बास, अबादान और बुशहर में धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरानी मीडिया का कहना है कि इराक में संयुक्त अमेरिकी-सऊदी हमलों में चार ईरानी सलाहकार (Iranian advisers) भी मारे गए। केशम द्वीप पर हमले के बाद कई लोग मलबे के नीचे दब गए। इसकी पुष्टि तस्नीम समाचार एजेंसी ने की है। कई विशेषज्ञों ने कहा कि ईरान के दक्षिण में कई जगहों पर क्रूज मिसाइल से हमला किया गया है। केशम द्वीप में इलेक्ट्रिकल ग्रिड पर मिसाइल हमले के कारण हुई कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति रोक दी गई। तस्नीम के अनुसार,आज सुबह अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने केशम द्वीप के ऊपर उड़ान भरी और द्वीप पर कई जगहों पर मिसाइलें दागीं।
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी (Iran’s state broadcaster IRIB) की रिपोर्ट के अनुसार, केशम द्वीप में एक रिहायशी इमारत पर अमेरिकी हमले के बाद लोग मलबे में दब गए हैं। होर्मोजगन प्रांत के डिप्टी गवर्नर ने इसकी पुष्टि की है। तस्नीम के अनुसार, फ़ार्स प्रांत में अमेरिकी सेना ने काजेरून शहर के बाहरी इलाके में एक जगह को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत के अहवाज में कई जगहों पर हमले किए हैं। इससे शहर के कुछ हिस्सों में बिजली गुल हो गई। शहर में कम से कम सात जगहों पर हमले हुए हैं। प्रांत के शादेगन, अरवंदकेनार और अबादान शहर धमाकों से दहल गए।
