
भदोही का नाम बदलने वाले सीएम के बयान पर उद्योग जगत चिंतित
भदोही : (Bhadohi) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) द्वारा भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर (‘Sant Ravidas Nagar’) किए जाने की घोषणा के बाद राजनीतिक और कारोबारी हलकों में बहस तेज हो गई है। भाजपा ने फैसले को संत रविदास के सम्मान से जोड़ा, जबकि कालीन उद्योग से जुड़े कारोबारियों ने चेतावनी दी कि इससे विश्व स्तर पर स्थापित ‘भदोही’ ब्रांड और निर्यात पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में जिले का पुराना नाम बहाल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला संतों और समाज सुधारकों के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
विधायक और जिलाध्यक्ष ने किया स्वागत
भाजपा विधायक दीना नाथ भास्कर और जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा (BJP MLA Dina Nath Bhaskar and District President Deepak Mishra) ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक समरसता और संत रविदास के सम्मान का कदम बताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि जिले में इस घोषणा का स्वागत किया जा रहा है।
दूसरी ओर, अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ के अध्यक्ष उमेश कुमार गुप्ता (Umesh Kumar Gupta, President of the All India Carpet Manufacturers Association) ने कहा कि सरकार के फैसले का सम्मान है, लेकिन ‘भदोही’ नाम पूरी दुनिया में कालीन उद्योग की पहचान बन (‘Bhadohi’ has become the identity of the carpet industry worldwide) चुका है। उनका मानना है कि नाम यथावत रहता तो उद्योग और व्यापार के लिए अधिक लाभकारी होता।
‘भदोही’ एक वैश्विक ब्रांडः गोम्बर
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के चेयरमैन कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर (Captain Mukesh Kumar Gomber, Chairman of the Carpet Export Promotion Council) ने कहा कि नाम परिवर्तन से विदेशों में भ्रम की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि ‘भदोही’ एक वैश्विक ब्रांड है, जिसे बदलने से निर्यात और अंतरराष्ट्रीय पहचान प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने अक्टूबर में प्रस्तावित ‘कारपेट एक्सपो भदोही-2026’ (‘Carpet Expo Bhadohi-2026’) का भी उल्लेख किया।
कालीन उद्योग से जुड़े वरिष्ठ सदस्य पीयूष बरनवाल ने दावा किया कि पहले नाम परिवर्तन के दौरान निर्यात प्रभावित हुआ था और ‘भदोही’ नाम बहाल होने के बाद ही स्थिति सुधरी। उन्होंने कहा कि जिले के कालीन को जीआई टैग और ‘टाउन ऑफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस’ (‘Town of Export Excellence’) का दर्जा भी भदोही के नाम से मिला है। वहीं, कालीन निर्यातक मुशीर इकबाल ने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में की गई इस घोषणा से व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का पर्याप्त आकलन नहीं किया गया है।
