
मुंबई : (Mumbai) एक समय ‘जब वी मेट’ और ‘लव आज कल’ जैसी (Jab We Met and Love Aaj Kal) सुपरहिट फिल्मों से रोमांटिक सिनेमा की नई पहचान बनाने वाले निर्देशक इम्तियाज अली (Director Imtiaz Ali) पिछले 17 वर्षों से बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता के लिए जूझ रहे हैं।
2009 में रिलीज हुई ‘लव आज कल’ के बाद उनकी कोई भी थिएटर रिलीज फिल्म व्यावसायिक रूप से बड़ी हिट साबित नहीं हो सकी। ‘रॉकस्टार’ और ‘हाईवे’ (Rockstar and Highway) जैसी फिल्मों को समय के साथ कल्ट का दर्जा और समीक्षकीय प्रशंसा जरूर मिली, लेकिन टिकट खिड़की पर ये उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाईं। वहीं ‘तमाशा’, ‘जब हैरी मेट सेजल’ और 2020 की ‘लव आज कल’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर निराश किया।
ओटीटी पर रिलीज हुई ‘चमकिला’ (OTT release Chamkila) ने इम्तियाज अली को एक बार फिर चर्चा में जरूर ला दिया, लेकिन थिएटर में उनकी वापसी मानी जा रही ‘मैं वापस आऊंगा’ भी उनकी किस्मत नहीं बदल सकी। दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना और शरवरी वाघ (Diljit Dosanjh, Vedang Raina, and Sharvari Wagh) अभिनीत इस फिल्म ने भारत में करीब 60 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। शुरुआती दिनों में कमजोर प्रदर्शन के बाद फिल्म ने कुछ हद तक पकड़ बनाई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसे केवल औसत सफलता ही मिली। ऐसे में इम्तियाज की थिएटर में दमदार वापसी की उम्मीदों को भी झटका लगा।
लगातार 17 साल तक कोई बड़ी थिएटर हिट न देना इम्तियाज अली जैसे चर्चित निर्देशक के लिए चिंता का विषय बन गया है। एक दौर में उनकी फिल्मों का नाम ही दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आलोचकों की सराहना और कल्ट फैन फॉलोइंग के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर उनकी पकड़ लगातार कमजोर होती गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इम्तियाज अली अपनी अगली फिल्म से इस लंबे सूखे को खत्म कर पाएंगे या उनका बॉक्स ऑफिस संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
