
शाहपुर : (Shahapur) मुंबई-नासिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के गहरे गड्ढे के कारण हुए दर्दनाक सड़क हादसे में ठाणे महानगरपालिका के आपदा प्रतिक्रिया बल (Thane Municipal Corporation’s Disaster Response Force) (टीडीआरएफ) के 31 वर्षीय जवान विकास लहू गोरे (Vikas Lahu Gore) की मौत हो गई। विकास गोरे हाल ही में भिवंडी के कोहिनूर अपार्टमेंट हादसे में मलबे के नीचे दबे लोगों के बचाव और शव निकालने के अभियान में अहम भूमिका निभाने के कारण चर्चा में रहे थे।
ड्यूटी पर जाते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह विकास गोरे अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से ठाणे ड्यूटी पर जा रहे थे। शाहपुर तालुका में भारंगी नदी पुल (Bharangi River bridge) के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे से बाइक टकराने के बाद उनका संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर से जा भिड़े। गंभीर रूप से घायल विकास को तत्काल शाहपुर उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आपदा राहत अभियानों में निभाई थी अहम भूमिका
विकास गोरे वर्ष 2019 से टीडीआरएफ में कार्यरत थे और वर्ष 2024 में उन्हें स्थायी नियुक्ति मिली थी। उन्होंने कई आपदा राहत अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। हाल ही में भिवंडी के कोहिनूर अपार्टमेंट हादसे में मलबे के नीचे दबे लोगों और शवों को निकालने के अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। करीब दो वर्ष पहले उनका विवाह हुआ था। उनके परिवार में पत्नी, एक वर्ष तीन महीने की जुड़वां बेटियां, मां और भाई हैं।
परिजनों ने सड़क की बदहाली पर उठाए सवाल
हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority) ने मौके पर पहुंचकर संबंधित गड्ढे को भर दिया। हालांकि परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि सड़क की समय पर मरम्मत कर दी गई होती तो विकास की जान बच सकती थी। उन्होंने सड़क की खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मुंबई-नासिक राष्ट्रीय राजमार्ग (Mumbai-Nashik National Highway) समेत क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की। वहीं, ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग ने विकास गोरे के निधन को विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा और सेवा को श्रद्धांजलि दी
