
मुंबई : (Mumbai) पुलिस ने लगभग 21 वर्षों से फरार चल रहे नासिक के व्यवसायी अवधूत चाफेकर (Avdhut Chafekar) (65) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। चाफेकर पर वर्ष 2005 में करीब नौ लाख रुपये की ठगी का आरोप था, जिसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। तब से वह फरार चल रहा था।
पहचान छिपाकर रह रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, चाफेकर पिछले दो दशकों से अधिक समय से अपनी पहचान छिपाकर नासिक में रह रहा था। उसने कभी अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन नहीं लिया और पहचान छिपाने के लिए अन्य लोगों के पहचान पत्रों का उपयोग करता रहा। इस दौरान उसने नासिक में एक इलेक्ट्रिकल मैन्युफैक्चरिंग व्यवसाय (electrical manufacturing business in Nashik) भी शुरू कर लिया था।
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान बना गिरफ्तारी की वजह
महाराष्ट्र (Maharashtra) में चल रहे मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान आरोपी पुलिस के रडार पर आया। चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा राज्यभर में मतदाता सूचियों के व्यापक सत्यापन और अद्यतन (verification and update) का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के दौरान चाफेकर ने अपने मतदाता विवरण को दुरुस्त कराने का प्रयास किया, जिससे उसकी पहचान सामने आ गई।
चुनाव अधिकारियों और पुलिस का समन्वय
मुंबई के बीकेसी पुलिस थाने ने एसआईआर अभियान में लगे चुनाव अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, जब चाफेकर ने अपने मतदाता रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा किया और एक होटल में ठहरा, तब पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया।
अदालत में किया गया पेश
पुलिस ने बताया कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई। 21 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया गया है। मामले की जांच और अन्य पहलुओं की पड़ताल जारी है।
