
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्र सरकार ने छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना, 2026 (FAST-DS) लॉन्च किया है। ये योजना 16 अगस्त से शुरू होकर 31 दिसंबर, 2026 तक खुली है, जिसके तहत एक करोड़ रुपये तक की अघोषित विदेशी आय या 5 करोड़ रुपये तक की संपत्ति का खुलासा किया जा सकता है।
आयकर विभाग ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes) (CBDT) ने छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति की स्वैच्छिक घोषणा योजना (FAST-DS) के नियम, 2026′ को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत घोषणाएं 31 दिसंबर, 2026 तक दाखिल की जा सकती हैं। इस योजना के तहत करदाताओं को 30 फीसदी कर के साथ उतनी ही राशि का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने योजना के नियम अधिसूचित करते हुए बताया कि इसके तहत पात्र करदाता ऐसी अघोषित विदेशी संपत्तियों, अघोषित विदेशी आय या ऐसी विदेशी संपत्तियों की घोषणा कर सकते हैं, जिन्हें संबंधित विवरण में घोषित नहीं किया गया है। इसके लिए निर्धारित कर या शुल्क का भुगतान करना होगा। छोट करदाताओं में (छात्रों, युवा पेशेवरों, तकनीकी कर्मचारियों और एनआरआई) शामिल हैं।
सीबीडीटी के मुताबिक यह योजना 16 अगस्त से प्रभावी होगी और इसके तहत ऑनलाइन घोषणाएं 31 दिसंबर, 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी। घोषित की जाने वाली संपत्तियों का उचित बाजार मूल्य 31 मार्च, 2026 की स्थिति के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। इस योजना में 16 अगस्त से तय तारीख 31 दिसंबर, 2026 तक ऑनलाइन (Form 1 के जरिए) अपनी संपत्ति का खुलासा कर सकते हैं।
योजना के तहत घोषणा दाखिल करने के लिए दो व्यापक श्रेणियां तय की गई हैं। पहली श्रेणी में भारत के बाहर स्थित ऐसी अघोषित संपत्ति या ऐसी अघोषित विदेशी आय शामिल है, जिस पर कर नहीं चुकाया गया है। इस मामले में अघोषित संपत्ति का कुल मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।
दूसरी श्रेणी में भारत के बाहर स्थित ऐसी संपत्ति शामिल हैं, जिस पर पहले कर दिया जा चुका है या जिसे करदाता के प्रवासी (non-resident Indian) (NRI) रहने के दौरान हासिल किया गया था लेकिन आयकर रिटर्न के संबंधित कॉलम में घोषित नहीं किया गया था। ऐसी घोषणाओं के लिए पांच करोड़ रुपये की मौद्रिक सीमा तय की गई है और इस पर एक लाख रुपये का शुल्क लगेगा।
उल्लेखनीय है कि छोटे करदाताओं, जैसे छात्रों, युवा पेशेवरों, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कर्मचारियों और विदेश में स्थानांतरित हुए प्रवासी भारतीयों के लिए विदेशी संपत्ति की स्वैच्छिक घोषणा की यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में घोषित की गई थी।
